(An Ayurveda Solution to Hair fall / Hair Fall Treatment / Ayurveda Hair Oil)

गो क्यूरेबल में एक बार फिर से आपका स्वागत है.

अगर आप सुबह उठते हैं और तकिए पर बाल ही बाल दिखाई देते हैं, कंघा करने के बाद आपको वॉश बेसिन आपको बालों से भरा  हुआ दिखाई देता है तो यह आर्टिकल आपके लिए है. 

तो दोस्तों आज हम बाल झड़ने (hair fall) और गंजापन (baldness = alopecia) की समस्या के बारे में बात करेंगे. लड़का हो या लड़की बाल मनुष्य की सुन्दरता और व्यक्तित्व (personality) का एक अहम हिस्सा होते हैं. घने बाल लड़के और लड़कियों दोनों की सुन्दरता में चार चाँद लगा देते हैं. एक ख़ास उम्र के बाद बाल झड़ते ही हैं और 35 साल की उम्र के बाद लड़कों में बालों का धीमी गति से झाड़ना एक सामान्य प्रक्रिया है, इसी वजह से  कम बाल या गंजापन खासतौर से लड़कों में बढती उम्र का एक संकेत माना जाता है.

लेकिन प्रदूषित हवा (polluted air), मिलावटी खाद्य पदार्थ (adulterated food products) और कीटनाशकों से ज़हरीला हुए पानी ने बालों के झड़ने की जो ये प्रक्रिया होती है इसे कई गुना बढ़ा दिया है. नतीजा यह हुआ कि आज के समय में 20 की उम्र में पहुँचने पर ही बाल झड़ने शरू हो जाते हैं और 30 तक पहुँचते पहुँचते बाल इतने झड़ चुके होते हैं कि लड़के को बाल बनाते समय यह नहीं सोचना होता कि किस फैशन में बाल बनाऊं बल्कि यह सोचकर बाल बनाने पड़ते हैं कि उसका गंजापन कम से कम दिखाई दे.

समय रहते हम ध्यान नहीं देते और बाज़ार से शैम्पू खरीदकर इस्तेमाल करते रहते  हैं. आँख तब खुलती है जब बाल इतने गिर चुके होते हैं कि आपको खुद लगने लगता है कि अब आप ‘लड़के’ नहीं रहे  बल्कि ‘अधेड़’ दिखाई देने लगे हैं. यह बात अच्छे से जान लीजिये कि एक बार जो बाल चला जाता है उसका वापस आना लगभग असंभव है और आयुर्वेदिक या एलोपैथिक मॉडर्न साइंस (Allopathic modern science) में कोई सटीक इलाज ऐसा नहीं है कि दोबारा बाल उगा सके. इसलिए समझदारी यही है कि सही समय रहते बालों के झड़ने का इलाज कर लिया जाए. 

आज इस आर्टिकल में हम बाल झड़ने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा करेंगे. बाल क्यों झड़ते हैं? क्या बालों का झड़ना बंद किया जा सकता है? लुभावने विज्ञापनों के साथ बिकने वाले शैम्पू या तेल बालों का गिरना बंद कर सकते हैं या नहीं? एलॉपथी यानी मॉडर्न मेडिकल साइंस इस बारे में क्या कहता है? क्या एलॉपथी में बालों को बढ़ाने की कोई दवाई है? और आखिर में बालों के झड़ने की समस्या का वास्तविक आयुर्वेदिक और हर्बल समाधान क्या है?

बाल क्या हैं? 

(What Is Hair)

साइंस के मुताबिक बाल (नाखूनों की तरह) हमारी त्वचा यानी स्किन (skin) का ही एक मॉडिफिकेशन (modification) यानी रूपांतरण हैं, और यह एक प्रोटीन का बना होता है. हमारी त्वचा की दो परतें होती हैं: १. एपिडर्मिस (epidermis) यानी ऊपरी पर्त और २. डर्मिस (dermis) जोकि एपिडर्मिस के नीचे होती है.

बाल के दो हिस्से होते हैं. १. बाल की जड़ (hair root). Hair root यानी बाल की जड़ त्वचा की नीचे वाली पर्त (डर्मिस) में होती है. 2. बाल का मुख्य भाग यानी शाफ्ट (shaft) जो हमें हमें दिखाई देता है. शाफ़्ट एपिडर्मिस को भेदती हुई त्वचा से बाहर निकल आती है और बाल का यही भाग (shaft) हमें दिखाई देता है. बाल की जड़ जिंदा कोशिकाओं (living cells) की बनी होती है जबकि बाल की शाफ़्ट मृत कोशिकाओं (dead cells) की बनी होती है और यही कारण है की बाल काटने पर हमें दर्द महसूस नहीं होता जबकि बाल खींचने पर चूँकि जड़ टूटती है और जड़ जीवित कोशिकाओं की बनी होती है इसीलिए बाल खीचने पर दर्द महसूस होता है.

प्रकृति ने मनुष्य को बाल क्यों दिए हैं यानी बालों का काम क्या होता है? 

(What Is Hair For?)

लगभग सभी स्तनपायी (mammals= वे जानवर जो अपने अपने शिशुओं को दूध पिलाते हैं, मनुष्य भी विज्ञान की भाषा में स्तनपायी जीव ही है)) जीवों में बाल पाए जाते हैं. बालों के पशुओं में बहुत काम होते हैं, जैसे रक्षा यानी मच्छर आदि कीटों के काटने से, सर्दी में तवचा के बाल खड़े होकर (goose bump) फर कोट की तरह काम करते हैं आदि.

हमारे शरीर पर बाल लगभग हर जगह होते हैं केवल कुछ जगहों को छोड़कर जैसे हथेली (palm), पैर का तलवा  (sole) और लिंग का मुंड (glans penis). शरीर पर अलग अलग जगह पाए जाने वाले बालों की रचना में भी अंतर होता है. इस आर्टिकल में हम केवल सिर पर पाए जाने वाले बालों के बारे में बात करेंगे. बाल मनुष्य में मुख्य रूप से दो काम करते हैं.

1. सुन्दरता (Beauty)

2. तापमान संतुलन (Temperature maintenance)

इनमे भी मनुष्य के लिए बाल मुख्य रूप से सुन्दरता में ही योगदान दते हैं.

बाल क्यों झड़ते हैं? 

(Causes of hair loss)

बालों का झड़ना और उसके कारण उत्पन्न गंजापन alopecia कहलाता है.

बाल गिरने के बहुत से कारण ज़िम्मेदार होते हैं.

1. मेल पैटर्न बाल्ड्नेस (Male pattern baldness) :   मेल पैटर्न बाल्ड्नेस उस कंडीशन को कहा जाता है जिसमे एक लड़के के बाल एक ख़ास पैटर्न में उड़ते हैं यानी आगे से बाल कम हो जाना, सिर के ठीक बीच में बाल बिलकुल ख़त्म हो जाना और सिर के पीछे बालों की ठीक ठाक मात्रा. मेल पैटर्न बाल्ड्नेस के लिए डॉक्टर्स ने मुख्य रूप से  ‘टेस्टोस्टेरोन (testosterone)’ नाम के हॉर्मोन को ज़िम्मेदार माना है. जी हाँ सही समझे. यह वही हॉर्मोन है जो लड़के में दाढ़ी मूंछें उगने के लिए ज़िम्मेदार होता है, जनन अंगों (genital organs) का साइज़ बढ़ाता है और सबसे ख़ास बात यह कि ‘सेक्स की इच्छा’ पैदा करता है. यह हॉर्मोन लड़कों में ज्यादा मात्रा में होता है और लड़कियों में बहुत ही कम मात्रा में. इसी वजह से लड़कों में बाल झड़ते की समस्या ज्यादा होती है जबकि लड़कियों में बाल टूटने की समस्या लड़कों की तुलना में बहुत कम होती है.

2. बालों के लिए  ज़रूरी पोषक पदार्थों की कमी (Lack of essential nutrients):   चूँकि बाल की जड़ें जीवित होती हैं तो बाक़ी शरीर की तरह उन्हें भी पोषक तत्वों की ज़रुरत होती है. इन्हीं पोषक तत्वों की शरीर में कमी होने पर बाल झड़ने शुरू हो जाते हैं.

3. मेटाबोलिक कारण (Metabolic causes): थाइरोइड हॉर्मोन असंतुलन (Thyroid hormone imbalance)

4. पर्यावरणीय कारण (Environmental causes) : प्रदूषित हवा, दूषित पानी और मिलावटी खाद्य पदार्थ बालों पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं.

5. फंगल इन्फेक्शन (Fungal infection): कई बार सिर की त्वचा में फंगल इन्फेक्शन हो जाता है. सिर में खुजली आने लगती है. रूसी बहुत झड़ने लगती है. इस कंडीशन में भी बाल तेज़ी से गिरने लगते हैं.

6. आनुवांशिक कारण:  यह भी एक बहुत ख़ास फैक्टर होता है. आपने देखा होगा कि किसी किसी आदमी के बाल बुढ़ापे तक ज्यों के त्यों बने रहते हैं, जबकि कोई लड़का कम उम्र में ही गंजा होना शुरू हो जाता है. बालों का घना होना, बालों का गिरना, यह बहुत हद तक सम्बंधित व्यक्ति की जीन रचना पर भी निर्भर होता है. यदि किसी व्यक्ति के पिता और मामा के बाल जल्दी (कम उम्र में) झड़ना शुरू हो गए थे तो इस बात की संभावना 50% से ज्यादा रहती है की उस व्यक्ति के बाल भी जल्दी गिरना शुरू हो जायेंगे.

7. उम्र : बढती उम्र के दुष्प्रभाव बाक़ी शरीर और अंगों की तरह बालों पर भी असर डालते हैं.

क्या बालों का झड़ना / गिरना रोकने मे कॉस्मेटिक शैम्पू फायदेमंद है?

(Are cosmetic shampoos good or required for hair care?)

सबसे पहली बात शैम्पू दो तरह के होते हैं एक मेडिकल शैम्पू और दूसरे कॉस्मेटिक शैम्पू. मेडिकल शैम्पू के बारे में हम आगे बात करेंगे. कॉस्मेटिक शैम्पू से हमारा मतलब उन शैम्पू से हैं जिनके लुभावने विज्ञापन आप टीवी आदि पर देखते हैं. देखो, बाक़ी  शरीर की तरह सिर और बालों को भी सफाई की ज़रुरत होती है और इसके लिए हफ्ते में एक बार बालों को अच्छे से कॉस्मेटिक शैम्पू से धो लेने में कोई बुराई नहीं है. लेकिन शैम्पू हर दिन इस्तेमाल करना बालों के स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है.

झड़ते बालों को रोकने के बारे में एलोपैथिक क्या कहता है?

(Allopathic medicines for hair fall)

एलोपैथिक मेडिसिन में झड़ते बालों को रोकने के लिए मुख्य रूप से दो दवाइयां  दी जाती हैं. 1. मिनोक्सिदिल (minoxidil) 2. फिनासटेराइड (finasteride)

इनके बारे में माना जाता है कि ये दवाइयां बालों के झड़ने की प्रक्रिया को कम कर देती हैं और नए बाल भी उगाने में मदद करती हैं. मगर अन्य एलोपैथिक दवाओं की तरह इनके भी साइड इफेक्ट्स होते हैं. इसलिए यहाँ एलोपैथिक मेडिसिन्स के नाम का उल्लेख सिर्फ जानकारी के लिए किया गया है और गो क्यूरेबल किसी भी रूप में बिना एलॉपथी डॉक्टर की सलाह के ये दवाइयां इस्तेमाल करना बिलकुल प्रोत्साहित नहीं करता है.

और अब सबसे ख़ास बात:

बालों के झड़ने की समस्या का आयुर्वेदिक एवं हर्बल हल क्या है ?

(A Holistic Ayurveda Solution For Hair Fall)

भृंगराज

दोस्तों, आयुर्वेदिक साहित्य राज निघंटु आदि और हर्बल / नेचुरोपैथी थेरेपी केश रख रखाव से भरी हुई है. बस ज़रुरत है कि आप जानें कि आपके बाल झड़ने की समस्या का हल तो आपके पास पहले से ही मौजूद था बस आप जानते नहीं थे.

सबसे पहले सुनिश्चित करें कि बाल किस वजह से टूट रहे हैं. ये ऊपर बताये गए कारणों में से कोई भी हो सकता है. अगर  सिर में फंगल इन्फेक्शन है, सिर में खुजली आती है तो कोई अच्छा मेडिकल शैम्पू  जैसे ketoconazole शैम्पू इस्तेमाल करें. थाइरोइड की भी जांच करायें कि कहीं thyroxin हॉर्मोन के असंतुलन से तो बाल नहीं गिर रहे हैं. घर में इस्तेमाल होने वाले पानी की भी जांच करें . पानी की जांच आप किसी भी  वाटर प्योरफ़ायर (water purifier ) कंपनी के शोरूम पर आपके द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला पानी ले जाकर कर सकते हैं. पानी की शुद्धता TDS (Total dissolved solids) के रूप में की जाती है.  उसके बाद: 

आयुर्वेद में बालों के लिए बहुत सारे औषधीय तेल बताये गए हैं. जैसे:

1. महा भृंगराज केश तेल (Eclipta prostrata hair oil and others)

2. आमलकी केश तेल (Emblica officinalis hair oil and others)

3. तिलादी तेल (Sesame hair oil and others)

4. नारिकेलादी केश तेल (Coconut hair oil and others)

5. कमलदल केश तेल.(Lotus essential oil)

हम यहाँ  भृंगराज तेल बनाने की विधि और इस्तेमाल का तरीका आपको बता रहे हैं:

बनाने की विधि:

(How to prepare)

भृंगराज जिसका वैज्ञानिक नाम Eclipta prostrata है और यह आसानी से मिल जाने वाला पोधा है. इसकी लगभग 100 से 200 ग्राम पत्तियाँ पहले 3 दिन तक धूप में सुखा लीजिये और फिर लगभग इतना नारियल का तेल लीजिये कि पत्तियाँ तेल में डूब जाएँ. पत्तियों को नारियल तेल के जार में अच्छे से डुबोकर तब तक फिर से धूप में छोड़ दीजिये जब तक कि तेल का रंग गहरा हरा न हो जाए.  अब इसे छान लीजिये. तेल तैयार होने के बाद इसको घर में शुष्क और कम रोशनी वाली जगह पर रखें.

कैसे इस्तेमाल करें: 

(How to use)

तेल सिर में हलके हाथ से लगाइए और इतना समय तक छोड़िये कि तेल अच्छे से बालों की जड़ों में समा जाए.

कौन सा  केश तेल इस्तेमाल करें:

(Which is the best hair oil)

आदर्श तरीका यह है कि आपका केश तेल कम से कम 16 केशवर्धक औषधियों से संस्कारित हो.

इसी बात को ध्यान में रखते हुए गो क्यूरेबल ने आपके लिए भृंगराज (Eclipta prostrata), आमलकी (Emblica officinalis), पलाश (Butea monosperma), गुड़हल (Rosa chinensis), कमल दल (Lotus), बादाम (almond), आर्गन आयल (Argan oil), रोजमेरी आयल (Rosemary oil) सहित लगभग सभी आवश्यक केश्वर्धक औषधियों से संस्कारित तेल बनाया है. यह तेल आप गो क्यूरेबल वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं या इसके लिए हम से संपर्क कर सकते हैं.

इसके अतिरिक्त आप सेहत सम्बन्धी किसी भी जानकारी, मशवरा या पूछताछ के लिए गो क्यूरेबल के ऑनलाइन डॉक्टर्स की टीम से संपर्क कर सकते हैं.