सरसों के तेल की मालिश के लिंग के लिए फायदे – Mustard Oil benefits and sideffects

सरसों के तेल की मालिश के लिंग के लिए फायदे – Mustard Oil benefits and sideffects

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सरसों यानि की मस्टर्ड आयल के बारे में कौन नहीं जानता. खाना खाने से लेकर विभिन्न आयुर्वेदिक दवाओं और अचार आदि बनाने में इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है. सरसों का तेल भूरी, काली और सफ़ेद सरसों के दानों से तैयार किया जाता है.

सरसों के तेल में कौन कौन सी चीजें पाई जाती हैं

Ingredients of Mustard oil

सरसों के तेल से तेज़ गंध आती है जो करीब से सूंघने पर  नाक को चढ़ जाती है इसका कारण इसमें पाए जाने वाला phyto-cpompund होता है जिसका नाम allyl isothiocyanate होता है. ये सल्फर या गंधक का एक कार्बनिक कंपाउंड है.

सरसों के तेल में 60 प्रतिशत monounsaturated fatty acids वसा पाया जाता है. रिसर्च में ये बात सामने आयी है कि सरसों के तेल में पाया जाने वाला पदार्थ erucic acid काफी ज्यादा मात्रा में होता है जिसकी वजेह से रोजाना सरसों के तेल का इस्तेमाल नुकसानदेह हो सकता है.

लेकिन ये बात भी सच है की सरसों के तेल में दिल को नुकसान देने वाले तेल कम होते हैं और ये ह्रदय रोगियों के लिए फायदेमंद माना जाता है.

लिंग की मालिश कैसे करनी चाहिए इसके लिए पढ़ें ये लेख 

क्या सरसों का तेल लिंग की मालिश के लिए अच्छा होता है?

Does Mustard oil work in erectile dysfunction and premature ejaculation?

अब सवाल ये आता है कि क्या सरसों के तेल से पेनिस या लिंग की massage करने से नसों की कमजोरी दूर की जा सकती है?

सरसों का तेल गर्म होता है और इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड्स भी पाए जाते हैं. तो बहोत संभव है की लिंग को इसकी मालिश से फायदा मिले. लेकिन अगर आप ये सोच रहे हैं की इसके इस्तेमाल से लिंग के ढीलेपन, नपुंसकता को दूर किया जा सकता है तो ऐसा पूर्णतया नही है.

क्या सरसों का तेल लिंग के लिए नुकसानदेह है?

May Mustard Oil be harmful for penis massage?

सरसों के तेल की मालिश से लिंग पर खुजली और जलन हो सकती है. अगर आपको इस तरह की कोई परेशानी हो तो सरसों का तेल आपको प्रयोग नही करना चहिये.

क्या सरसों के तेल से लिंग की लम्बाई और मोटाई को बढ़ाया जा सकता है?

सरसों का तेल लिंग की लम्बाई और मोटाई बढ़ाने में प्रभावी नहीं है.

तो इस आर्टिकल का निष्कर्ष ये है कि जो लोग सरसों के तेल से लिंग को लम्बा मोटा करना चाहते हैं या जो लिंग के ढीलेपन का शिकार हैं सरसों का तेल उसमे कुछ खास असरदार नहीं है.

अगर सरसों का तेल लिंग का ढीलापन दूर नहीं कर सकता या फिर लिंग साइज़ नहीं बढ़ा सकता तो क्या कोई उपचार ऐसा है?

Is there any effective herbal oil formula to cure sexual weakness?

पेनिस पंप (Penis Pump) और लिंग वर्धक तिला (penis enlargement oil) नपुंसकता (erectile dysfunction) और लिंग के ढीलेपन को दूर करने में अत्यंत प्रभावी पाए गए हैं

चाहे हमारे स्वयं के मरीज़ हों या फिर अलग अलग रेसर्चेस की मानें तो लिंग वर्धक पंप और आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से तैयार तिला नपुंसकता और लिंग के ढीलेपन को दूर कने में काफी कारगर है और ये लिंग के साइज़ में भी वृद्धि करता है. लेकिन यहाँ पर ये भी ध्यान रखें की सिर्फ पंप और तिला ही काफी नहीं हैं बल्कि आपको जड़ी बूटियों का भी सेवन करना होगा.

पेनिस पंप क्या होता है और इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है जानने के लिए पढ़े ये लेख या देखें निचे दी गयी विडियो.

पेनिस पंप खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें.

लिंग वर्धक तिला योग किन जड़ी बूटियों से तैयार किया जा सकता है?

Herbal Formula to prepare a powerful penis massage oil

लिंग वर्धक तेल बनाने के लिए उन बहुमूल्य जड़ी बूटियों का प्रयोग किया जाता है जो लिंग की धमनियों और शिराओं को खोलती हैं और उनमे रक्त प्रवाह को बढाती हैं. नीचे हम उन चमत्कारी जड़ी बूटियों को लिख रहे हैं आप चाहें तो खुद भी इन जड़ी बूटियों के इस्तेमाल से ये महायोग तैयार कर सकते हैं. हमने इस योग को GOCURABLE ERECTION OIL का नाम दिया है

  1. एक्स्ट्रा वर्जिन olive आयल (सभी जड़ी बूटियों को लिंग की त्वचा के अन्दर तक ले जाने में मदद करता है. लिंग की मासपेशियों को शक्ति प्रदान करता है.)
  2. शुद्ध कलोंजी (लिंग की नसों में रक् प्रवाह को तीव्र करता है और लिंग उत्थान और स्तंभन में मदद करता है. नपुंसकता दूर करने में उपयोगी.)
  3. बीज तुलसी (शीघ्रपतन की समस्या दूर करता है)
  4. अर्क अदरक (लिंग में उत्तेजना बढ़ाता है.)
  5. अर्क प्याज़ (लिंग में रक्त प्रवाह तीव्र करता है और सत्मभन को बनाये रक्त है ये लिंग से वापस रक्त आने को रोकता है )
  6. अर्क मक्का (लिंग की मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करता है)
  7. मालकांगनी (कमोतेज्जना बढ़ाता है)
  8. बीज तिल (लिंग की मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करता है)
  9. शुद्ध जाफरान / केसर (वीर्य स्खलन होने से रोकता है और उत्तेजना बनाये रखने में सहायक होता है)
  10. लवंग (रक्त संचरण बढ़ाता है. स्तंभन दोष दूर करता है)
  11. तेल अखरोट (लिंग वर्धक और लिंग की त्वचा में मरती हुई नसों को खोलता है)
  12. तेल बादाम (लिंग शक्ति वर्धक)
  13. ओमेगा 3 आयल (नपुंसकता दूर करने में उपयोगी, तंत्रिका तंत्र की गड़बड़ी से होने वाली नपुंसकता को दूर करता है)
  14. विटामिन ए आयल (लिंग की त्वचा को मुलायम करता है और उपरी त्वचा में फेली हुई शिराओं में रक्त संचरण बढ़ाता है.
  15. जडित चने का तेल (शीघ्रपतन की समस्या को दूर करता है

लिंग वर्धक आयुर्वेदिक तिला से कितने दिनों में लाभ मिलना शुरू हो जाता है. अगर आप उपयुक्त तरीके से तिला तय्यार करते हैं और उसमे बताई गयी जड़ी बूटियों की पूरी शक्ति सम्मिलित रहती है तो आपको एक हफ्ते में ही आपको फायदा मिलना शुरू हो जायेगा. एक महीने में आप 30% लाभ की उम्मीद कर सकते हैं. लेकिन सम्पूर्ण लाभ मिलने के लिए आपको निरंतर लगभग 6 महीने तक इसका उपयोग करना होगा. यहाँ पर ये भी उल्लेख करना अनिवार्य है की मरीज़ की स्तिथि के अनुसार लाभ कम या ज्यादा हो सकता है.

15+ जड़ी बूटियों से बनाया गया लिंग वर्धक और नपुंसकता को दूर करने में सहायक में अत्यंत उपयोगी तेल हम अपने मरीजों को दवा के तौर पर देते हैं. तेल प्राप्त करने और अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें.

 

 

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दवा को इस्तेमाल करने का तरीका, खुराक और समय, Dosage, How to use


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सरसों… से सम्बंधित कुछ सवाल जवाब, Questions related to Medicine


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कैसे जानें कि आपके लिंग में ढीलापन तो नहीं आ रहा है.

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ये सवाल GoCurable.com के कई सारे पाठक पूछ चुके थे. हम अपने readers के सवालों के जवाब देने की हर संभव कोशिश करते हैं और आप भी अपना सवाल या स्वास्थ्य सम्बंधित परेशानी हमसे पूछ सकते हैं. हमारी वेबसाइट पर कांटेक्ट फॉर्म को भरिये और हम जल्दी से जल्दी आपके सवाल का जवाब अपनी वेबसाइट पर पब्लिश करेंगे (आपका नाम गोपनीय रखा जायेगा).

एक सामान्य एशियन पुरुष के लिंग की लम्बाई उत्तेजना के समय 5 इंच से 8 इंच तक हो सकती है. लिंग की लम्बाई का पता होने के लिए उसमे सम्पूर्ण तनाव का होना आवश्यक होता है अन्यथा लिंग की लम्बाई घट जाती जाती है. लिंग में सम्पूर्ण उत्तेजना का न आना शारीरिक दुर्बलता और किसी बीमारी की वजेह से हो सकती है. तो आपका लिंग पूरी तरह स्वस्थ है उसके लिए ये सुनिश्चित करना ज़रूरी है की लिंग पूरी तरह उत्तेजित हो पाता है या नहीं.

जब आपका लिंग उत्तेजित हो या आपको महसूस हो कि आप पूरी तरह कमोतेज्जित हो चुके हैं तो उस समय अगर लिंग में आपको रक्त का दबाव महसूस होता है और लिंग आपके बिना जोर लगाये अपने आप ही आगे की तरफ जोर लगाता हुआ महसूस होता है तो आपको समझ जाना चाहिए की लिंग ठीक से कम कर रहा है और उसमे ढीलापन या उत्तेजना की कमी नहीं है.

अगर आपको ऐसा महसूस होता है की थोडा जोर लगाने पर लिंग ज्यादा कठोर होता है तो इसका मतलब ये है की लिंग में तनाव की कमी है और आपको लिंग की मालिश और आयुर्वेदिक दवा लेने की ज़रूरत है.

लिंग की कठोरता को जांचने का दूसरा तरीका ये है की उत्तेजित अवस्था में लिंग के shaft या मध्य भाग को दबाकर देखें. अगर shaft दबाने पर दब जाता तो तनाव की कमी है और अगर नहीं दबता है तो आपका लिंग ठीक प्रकार से कार्य कर रहा है.

लिंग में कठोरता की कमी धीरे धीरे नपुंसकता की तरफ ले जाती है तो बेहतर है की इसका समय रहते उपचार किया जाना चाहिए.

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दवा को इस्तेमाल करने का तरीका, खुराक और समय, Dosage, How to use


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क्या लिंग का रंग निखारना/गोरा करना संभव है? प्रभावी हर्बल नुस्खे

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हिन्दुस्तानी पाकिस्तानी और दुसरे एशियाई subcontinent के मर्दों के लिंग का रंग शरीर के दुसरे हिस्सों की तुलना में काफी ज्यादा गहरा होता है और बहुत सारे युवा इसको काफी नकारात्मक ढंग से देखते हैं. कुछ युवा तो अपने पार्टनर से सिर्फ इसी वजेह से शरमाते भी हैं की कहीं लिंग का रंग गहरा होने के कारण उनका पार्टनर उनको नापसंद न कर दे. सबसे पहले तो मै ये बात साफ़ कर देना चाहता हूँ की लिंग को आकर्षक बनाने के लिए लिंग का रंग महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि उसकी लम्बाई मोटाई और उसमे पर्याप्त तनाव का होना ज़रूरी है.

तो अगर आपके दिमाग में ये भ्रम है की लिंग का रंग काला होने की वजेह से उसकी सुन्दरता कम होती है तो ऐसा बिलकुल भी नहीं है.

फिर भी लोगों के अपने अपने पर्सनल preferences होते हैं और कुछ लोग चाहते हैं की कैसे भी उनके लिंग का रंग गोरा हो सके.

मै ये बात साफ कर देना चाहता हूँ की लिंग का जो नेचुरल कलर होता है उसको पूरी तरह बदलना संभव नहीं है. लेकिन कुछ घरेलु तरीकों का इस्तेमाल करके लिंग की त्वचा में चमक पैदा की जा सकती है जिससे लिंग आकर्षक बनता है. दूसरी बात ये है की लिंग की उपरी त्वचा अगर ठीक से साफ़ न की जाये तो dead स्किन लिंग पर जमी रहती और लिंग और ज्यादा डार्क महसूस होता है.

लिंग का रंग काला होने से रोकने के लिए बरतें ये सावधानियां

Precautions to avoid hyper pigmentation of penis

लिंग के चारो ओर के बालों को साफ रखें

Keep pubic area free from hair

अगर आप प्यूबिक हेयर साफ रखेंगे तो निश्चित रूप से आपका प्राइवेट पार्ट ज्यादा आकर्षक महसूस होगा और पहले की तुलना में कम काला लगेगा. प्यूबिक हेयर साफ रखना इसलिए भी ज़रूरी है क्यूंकि ये बाल निकले हुए वीर्ये को अपने अन्दर सोख लेते हैं और साबुन से धोने के बाद भी लिंग पूरी तरह गंधहीन नहीं हो पाता.

एकांत में ढीले कपडे इस्तेमाल करें

Use loose pents in night and when you are home

जीन्स या दुसरे तंग/चुस्त कपड़ो में लिंग का तापमान बढ़ जाता है इसके अलावा लिंग पर घर्षण होने की वजेह से इसकी इसकी skin काली पड़ सकती है. तो जब आप घर पर हों तो अंडरवियर न पहने और ढीले पजामे का ही इस्तेमाल करें. शुक्राणु ठीक से बनने के लिए भी ढीले कपडे पेहेनना ज़रूरी है.

लिंग को गोरा करने के देसी आयुर्वेदिक उपाय

Herbal ways to make penis fairer

लिंग पर dead स्किन इसलिए भी जमी रह जाती है क्योंकि ये शारीर का सबसे नाज़ुक हिस्सा होता है और हम शरीर के दुसरे हिस्सों की तरह इसको रगड़ कर साफ नहीं कर सकते जिससे dead epidermis लिंग से अलग नहीं हो पाती है और लिंग और ज्यादा काला महसूस होने लगता है.

तो लिंग पर जमा हुई इस म्रत त्वचा को हटाकर लिंग का रंग साफ़ कैसे करें और कैसे लिंग की त्वचा को चमकदार बनायें उसके लिए हम आपको घरेलु तरीके बताते हैं.

शहद (Honey)

शहद एक कमाल का skin moisturizer है और ये त्वचा को पोषण प्रदान करता है. साथ ही साथ ये सवेंदनशील त्वचा (sensitive skin) जैसे गुप्तांगो (private parts) की त्वचा पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है और इससे किसी तरह की एलर्जी जैसे खुजली (itching) आना या त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ जाना जैसी समस्याएं नहीं होती हैं.

शहद त्वचा की नमी को बनाये रखता है और रूखेपन की वजेह से त्वचा के काले पड़ने को रोकता है. साथ ही साथ शहद में सभी nutrients जैसे sucrose, fructose (फलों का रस) और विभिन्न विटामिन्स और खनिज पाए जाते हैं जो त्वचा को चमकदार और स्वस्थ रखते हैं और इन्फेक्शन से भी बचाते हैं.

शहद को लिंग पर कैसे लगायें (How to apply honey on skin)

  • सबसे पहले लिंग को साबुन से धो लें और तौलिये से साफ कर लें
  • उसके बाद हथेली (palm) पर शहद लें और पेनिस पर इस तरह लगायें की पूरे पेनिस पर शेहद की एक परत से बन जाये.
  • आप चाहें तो testis पर भी शहद का लेप कर सकते हैं
  • १० मिनट तक इस लेप को ऐसे ही लगे हुए छोड़ दें और उसके बाद पानी से अच्छी तरह धो लें. याद रहे की दोबारा धोते समय साबुन नहीं लगाना है.

परिणाम (result)  – लगभग एक महीना लगाने के बाद ही आपको परिणाम की आशा रखनी चाहिए हालाँकि एक हफ्ता बाद ही आपको लिंग की त्वचा में फर्क दिखना शुरू हो जायेगा. शहद को आप नियमित रूप से लिंग के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं और इसका कोई साइड-इफ़ेक्ट नहीं पाया गया है. फिर भी कुछ लोग दुर्भाग्यवश अत्यधिक सवेंदनशील होते हैं और हो सकता है शहद की वजेह से उनकी त्वचा पर एलर्जी हो जाये. इस स्तिथि में शहद लगाना रोक देना चाहिए.

एलोवेरा (Aloe vera)

एलोवेरा त्वचा के लिए कितना फायदेमंद शायद ये बात अब हर कोई जान गया होगा. एलोवेरा gel को बड़ी बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनिया पैक कर करके बेंच रही हैं क्योंकि ये स्किन revitalizer का काम करता है. त्वचा में चुस्ती लाता है और dead स्किन को उतारता  है. लिंग की त्वचा के लिए भी एलोवेरा सुरक्षित है. लिंग पर एरोवेरा ला निरंतर लेप करने से त्वचा स्वस्थ रहती है, इसमें चमक आती है और इसका pegmentation (रंग) भी साफ़ होता है. aloevera को घर पर भी आसानी से उगाया जा सकता है.

एलोवेरा को लिंग पर कैसे इस्तेमाल करें 

How to use aloe vera for penis

पहले लिंग को साबुन से अच्छी तरह धो लें और फिर ठीक ऐसे ही एलोवेरा का इस्तेमाल करें जैसे हमने ऊपर शहद का बताया है.

एलोवेरा को हफ्ते में तीन बार लिंग के लिए इस्तेमाल करें. एलोवेरा वेसे तो सुरक्षित है लेकिन किसी भी व्यक्ति को किसी भी चीज़ से एलर्जी की समस्या हो सकती है तो अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो एलोवेरा का इस्तेमाल रोक देना चाहिए.

केला और पपीता (banana and papaya)

केला और पपीता पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और अगर इनका पेस्ट बनाकर लिंग पर लेप किया जाये तो लिंग के रंग में और त्वचा में आपको ग़ज़ब का परिवर्तन मिल सकता है. केले और पपीते के एक एक छोटे टुकड़े लेकर इनको पीस लें और अच्छी तरह पेस्ट बना लें उसके बाद लिंग को साबुन से धोकर लगभग १० मिनट तक रोजाना लेप लगायें. एलर्जी की समस्या होने पर इनके लेप का इस्तेमाल रोक देना चाहिए

क्या ऊपर दिए गए सभी नुस्खे एक साथ इस्तेमाल किये जा सकते हैं?

Can all given home remedies are used at once 

देखिये दोस्तों ऊपर दिए गए सभी नुस्खे प्राक्रतिक हैं और इनमे किसी रसायन का इस्तेमाल नहीं किया गया है तो निश्चित रूप से आप इन सबको एक साथ पेस्ट बनाकर भी लिंग पर लगा सकते हैं. लेकिन हम ये जोर देकर कहते हैं की पहले एक एक करके ही सभी नुस्खो को लगायें. इससे ये पता चल जायेगा की कौन सा नुस्खा आपके लिए सुरक्षित है जिसको आप नियमित रूप से अपने लिंग पर लगा सकते हैं. बाद में जो नुस्खे आपके लिए सुरखित साबित हों उनको ही एक साथ मिलकर लगायें.

इस लेख को पढने के लिए आपका धन्यवाद. अगर आपको इस लेख से सम्बंधित कोई बात जाननी है तो निचे कमेंट करके हमे ज़रूर बताएं.

 

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दवा को इस्तेमाल करने का तरीका, खुराक और समय, Dosage, How to use


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क्या … से सम्बंधित कुछ सवाल जवाब, Questions related to Medicine


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धातु रोग या शुक्रमेह के लिए 2 रामबाण आयुर्वेदिक औषधियां

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शुक्रमेह युवाओं के लिए एक बुरे सपने के समान बीमारी है। इसको अंग्रेज़ी में spermatorrhea कहते हैं। पेशाब करते समय या मूत्र त्याग करते समय चिपचिपा पदार्थ या धातु निकलता है जिसको उर्दू में कतरा आना बोलते हैं।

असल में शुक्रमेह या धातुरोग शारीरिक दुर्बलता की वजह से होता है। यहां पर मै ये साफ कर देना चाहता हूं कि धात आने की वजह से दुर्बलता नहीं होती है बल्कि पहले से दुर्बल शरीर के कारण धातु रोग होता है। अक्सर युवा इस बात को लेकर चिंतित होते हैं कि धात आने से उनको कमजोरी महसूस होती है और उनके चेहरे की रौनक या कांति चली जाती है। ये सिर्फ उनका वेहम होता है।

शुक्रमेह या धातुरोग क्यों होता है।

Causes of spermatorrhea

dhat ane ya dhatu rog ka karan

शरीर में किसी वजह से आयी कमजोरी पेल्विक मांसपेशियां जो पेशाब निकालने को नियंत्रित करती हैं को भी कमजोर के देती है जिसके कारण पेशाब के साथ साथ प्रोस्टेट ग्रंथी में बनने वाला द्रव्य यानी कि शुक्र भी पेशाब के साथ आने लगता है।

शुक्रमेह से होने वाले नुकसान

Harms of shukrmeh

शुक्रमेह का रोगी शीघ्रपतन और नपुंसकता का शिकार हो जाता है। शुक्रमेह से पीड़ित पुरुष संभोग का बिल्कुल भी आनंद नहीं के पाता बल्कि उसको यही चिंता सताती है कि कैसे वो अपनी पत्नी को संतुष्ट कर सके। धातुरोग से पीड़ित व्यक्ति सही समय पर उपचार ना मिलने पर पूरी तरह नपुंसक भी हो सकता है।

शुक्रमेह के उपचार के लिए रामबाण आयुर्वेदिक उपचार

Sureshot ayurvedic treatment for spermatorrhea

dhatu rog ka ramban ayurvedic ilaj

इसका इलाज करने के लिए जरूरी है शारीरिक दुर्बलता और वीर्य के पतलेपन को दूर करना और इसके लिए हर्बल मेडिसिंस, व्यायाम और मालिश की ज़रूरत होती है। नीचे हम सर्वाधिक कारगर आयुर्वेदिक और यूनानी दवाएं बता रहे हैं जिनका शत प्रतिशत परिणाम मिलता है।

धातु पौष्टिक चूर्ण (Dhatu Puashtik Churn)

ये आयुर्वेद का एक अत्यन्त उपयोगी योग है और ऋषि मुनियों के समय से इसको तैयार किया जाता रहा है। ये योग सभी प्रकार की पुरुष यौन समस्याओं ख़ासतौर से धातुरोग या शुक्रमेह का रामबाण उपचार है। धातु पौष्टिक चूर्ण शतावरी, सफ़ेद मूसली, अश्वगंधा, बीज्बंद और बिदारीकंद जैसी ऐसी सभी देसी दवाओं का संतुलित मिश्रण है जो दुर्बल शरीर को शक्ति देता है और वीर्ये को गाढ़ा बनाता है. धातु पौष्टिक चूर्ण वीर्य में शक्राणुओं की संख्या बढाता है और नपुंसकता यानि की लिंग में ढीलेपन को दूर करने में भी सहायक है. ये अद्भुत आयुर्वेदिक दवा किशोरों में होने वाली स्वप्नदोष की अधिकता में भी फायदेमंद है.

धातु पौष्टिक चूर्ण की खुराक (Dosage)

इस चूर्ण या पाउडर को 5 से १० ग्राम दिन में दो बार हलके गर्म दूध के साथ ले सकते हैं.

धातु पौष्टिक चूर्ण घटक (ingredients)

Shatavari, Gokhru Beej, Beejband, Banshlochan, Kabab-chini,Chopchini, Kawanch beej, Safed musli, Kali musli, Sontha,Kali Mirch, Pipal, Salam, Mishri, Vidarikand, Ashwagandha, Nisoth.

धातु पौष्टिक चूर्ण दिन में और रात में किस समय लेना चाहिए

सुबह नाश्ते के बाद और रात में खाना खाने के लगभग एक घंटे बाद ले सकते हैं

धातु पौष्टिक चूर्ण कितने दिन तक लेना चाहिए

धातु पौष्टिक चूर्ण एक सुरक्षित आयुर्वेदिक औषधि है और इसको लम्बे समय तक लिया जा सकता है. इसका अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए लगभग ६ महीने तक इसका सेवन करना चाहिए.

क्या धातु पौष्टिक चूर्ण का कोई विकल्प भी है?

Alternatives of Shatu Pushtik Churan

जी हैं धातु पौष्टिक चूर्ण के कुछ बहोत अच्छे विकल्प भी उपलब्ध हैं. अगर किसी वजेह से आपको धातु पौष्टिक चूर्ण उपलब्ध नहीं हो पता है तो आप  सुपारी पाक का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा शतावरी कल्प भी इसका एक अच्छा अल्टरनेटिव है.

सुपारी पाक (Supari Paak)

ये भी एक धातु पौष्टिक चूर्ण की तरह ही पूर्णतया herbal आयुर्वेदिक दावा है जिसको सुपारी या छाली (betal nut), बला, जायफल, दालचीनी, हरीतकी, आमला, शतावरी, मखाना, गोखरू और दूसरी कई सारी जड़ी बूटियों से तैयार किया जाता है. सुपारी पाक स्त्री और पुरुषों दोनों के लिए उपयोगी है और शारीरिक दुर्बलता को दूर करता है. वज़न बढ़ाता है और वीर्ये को पुष्ट करता है. बॉडी बिल्डिंग के इच्छुक युवक भी बॉडी बनाने के लिए इस औषधि का सेवन कर सकते हैं. कुछ कम्पनियाँ सुपारी पाक में रसायन भी मिला देती हैं तो उसकी कंपनी का सुपारी पाक खरीदें जिसमे रसायन न हो. नीचे दी गयी किसी कंपनी का खरीद सकते हैं.

सुपारी पाक की खुराक और परहेज़

नवयुवक (20 साल से कम के पुरुष) 5 ग्राम दिन में दो बार हलके गर्म दूध के साथ लें और 20 साल से ऊपर के पुरुष १० ग्राम दिन में दो बार. पूर्ण लाभ के लिए कम से कम ६ महीने तक इस्तेमाल करें. मसालेदार और तला भुना खाना न खाएं. अत्यधिक सम्भोग और हस्त्मेथुन से बचें.

Dhootpapeshwar शिलाप्रवंग स्पेशल

धूतपापेश्वर mumbai based आयुर्वेदिक दवा कंपनी है. और इस कंपनी के सभी उत्पाद अपनी गुणवत्ता (quality) के लिए जाने जाते हैं जैसे कि स्वामला के बारे में हम पहले ही बता चुके हैं की कैसे ये दूसरे च्यवनप्राश से कई गुना बेहतर है.

शिलाप्रवंग टेबलेट्स धूतपापेश्वर द्वारा बनाया गया एक बहुत ही खास (very precious) आयुर्वेदिक formula है जो की पुरुष में शारीरिक दुर्बलता को दूर करने और काम शक्ति को बढाने में अत्यंत लाभदायक है.

शिलाप्रवंग जड़ी बूटियों (herbs) जैसे की अश्वगंधा, गोखरू, बला, शतावरी, अकरकरा, जायफल आदि के extract से बनी है ये सभी जड़ी बूटियां पुरुषों की यौन समस्याओं की अचूक दवाईयां हैं और ये नपुंसकता (erectile dysfunction), शीघ्रपतन (Premature ejacultation), शुक्रमेह (spermatorrhea), स्वप्नदोष (nocturnal emission) और मूत्रमार्ग (urinary tract) से सम्बंधित रोगों को दूर करती हैं.

शिलाप्रवंग एक बहुमूल्य आयुर्वेदिक मेडिसिन है जिसमे स्वर्ण भस्म (gold), शिलाजीत, मोती(coral) की भस्म और टिन धातु की भस्म भी सम्मिलित होती है जो ज़बरदस्त कामशक्ति वर्धक (male sex power booster) होती हैं और शारीरिक दुर्बलता (general debility) दूर करती हैं.

शिलाप्रवंग के घटक (ingredients)

Shuddha Shilajit 40 mg, Mouktik Pishti 1 mg Pravala Bhasma 20 mg, Suvarnamakshik Bhasma 20 mg,  Akarkarabh 10 mg, Guduchi Satva 20 mg, Ashwagandha 60 mg, Shatavari 15 mg, Gokshur 15 mg, Balamoola 15 mg, Amalaki 10 mg, Jatiphal 5 mg, Karpoor 5 mg, Latakasturi beej 20 mg, Kraunchbeej 90 mg, Makardhwaj 10 mg, Suvarna Bhasma 1 mg, Vanga Bhasma 20 mg

शिलाप्रवंग की खुराक (dosage)

शिलाप्रवंग की एक या दो गोली दिन में दो बार हलके गर्म दूध के साथ ले सकते हैं. एक स्वस्थ व्यक्ति जिसको गुर्दों और दिल की या कोई और गंभीर बीमारी न हो, शिलाप्रवंग को दो महीने तक इस्तेमाल कर सकता है.

शिलाप्रवंग के साथ क्या परहेज़ करें (prevention)

शिलाप्रवंग के साथ कोई दूसरी ऐसी आयुर्वेदिक दवा नहीं लेनी चाहिए जिसमे वंग या टिन भस्म, मोती भस्म, स्वर्ण भस्म और शिलाजीत हो. मसालेदार और तले भुने खाने से बचना चाहिए.

शुक्रमेह को दूर करने के लिए ये व्यायाम भी करें – पढ़ें ये आर्टिकल

शुक्रमेह को दूर करने के लिए लिंग की मालिश भी करें. पढ़ें ये आर्टिकल

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नपुंसकता के लिए अचूक व्यायाम – Napunksakta ke liye Zabardast Exercise

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दोस्तों क्या आपका लिंग ठीक से उत्तेजित नहीं हो पाता है? क्या आपके लिंग में ढीलापन आता जा रहा है? अगर हाँ तो सावधान हो जाइये क्यूंकि आप नपुंसकता की तरफ बढ़ रहे हैं और अगर आपने सही समय पर उपचार नहीं लिया या तो आपका यौन जीवन (sex life) समाप्त हो सकता है. जी हाँ दोस्तों सम्भोग करने के लिए लिंग में पर्याप्त मात्र में तनाव का होना आवश्यक है और अगर आपका लिंग ढीला रहता है तो आप उसको चाहकर भी योनी (vagina) में प्रविष्ट नहीं करा सकते.

नपुंसकता के एक नहीं अनेको कारण हो सकते हैं और उसमे शारीरिक दुर्बलता, अत्यधिक सम्भोग और हस्तमैथुन और अवसादयुक्त जीवन सबसे मुख्य हैं.

नपुंसकता से बचने के लिए क्या करें

  • ज्यादा से ज्यादा तनावमुक्त (stress free) जीवन (life) गुज़ारने की कोशिश कीजिये
  • नियमित शारीरिक व्यायाम (physical exercise) कीजिये
  • अत्त्याधिक सम्भोग (excessive sex) और हस्थ्मैथुन (masturbation) से बचें और हफ्ते में तीन बार से अधिक सम्भोग न करें
  • शारीरिक दुर्बलता (physical debility) दूर करने के लिए आयुर्वेदिक उपचार लें और अपनी जीवनशैली (लाइफस्टाइल) सुधारें

क्या व्यायाम के द्वारा लिंग के ढीलेपन को दूर कर सकते हैं?

Is it possible to increase hardness in penis with the help of penis exercise?

जी हाँ ये संभव है लेकिन साथ साथ आयुर्वेदिक उपचार भी जरुरी है

कौन सा व्यायाम है जो लिंग में कठोरता को बढ़ा सकता है?

Which exercise can improve erection? 

पेल्विक शेत्र (Pelvic Region) की जो मास्पेशियाँ (muscles) होती हैं वो हमारे मुत्राश्ये (Urinary Bladder), हमारे मलद्वार (anus) और स्त्रियों(women) में गर्भाशय (uterus) को सहारा देतीं हैं उनको सम्मिलित रूप से कीगल मासपेशियाँ (kegel muscles) कहा जाता है. कीगल मासपेशियों की निरंतर एक्सरसाइज करते रहने से न सिर्फ पेशाब निकल जाने जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है बल्कि इससे लिंग में कठोरता भी लायी जा सकती है.

कैसे करें kegel exercise

मै kegel व्यायाम करने का बहुत ही आसान सा फ़ॉर्मूला आपको बता देता हूँ.

  • जब आप पेशाब करते हुए होते हैं तो बीच में ही पेशाब को रोक लीजिये. फिर से पेशाब करना शुरू कीजिये और फिर थोडा सा पेशाब करके फिर से रोक लीजिये. बस ऐसे ही होती है कीगल व्यायाम की शुरुआत और यही तरीका है कीगल व्यायाम करने का. जिस तरह आप पेशाब को बीच में रोकने के लिए अपनी उस शेत्र (area) की मासपेशियों को संकुचित (contract) करते हैं बस इसी तरह आपको कीगल व्यायाम करना है.
  • पेशाब करते हुए इस व्यायाम को लगभग 3 बार करें.
  • उसके बाद भी दिन में लगभग 8 बार आपको अपनी कीगल मासपेशियों को संकुचित करना है. मासपेशियों को संकुचित करें और बिना साँस रोके लगभग १० सेकंड तक संकुचित रखिये और उसके बाद ढीला छोड़ दीजिये. ध्यान रहे कि ऐसा करते हुए आपको साँस नहीं रोकना है. इस प्रक्रिया को लगभग 10 बार दोहराएँ. और ये व्यायाम दिन में आपको 8 बार दोहराना है.
  • लगभग एक हफ्ते में ही आपको इसका हैरान कर देने वाला परिणाम मिलना शुरू हो जायेगा और आपको लिंग में कठोरता बढ़ी हुई महसूस होगी.
  • कीगल व्यायाम आपको लेटकर, बैठकर और खड़े होकर हर तरह से करना चाहिए. और मै फिर से कह रहा हूँ कि व्यायाम करते हुए साँस नहीं रोकना चाहिए ताकि साँस लेने की प्रक्रिया (respiration) प्रभावित न हो. कीगल व्यायाम के साथ साथ आप लिंग की मालिश भी रोजाना कीजिये और आयुर्वेदिक उपचार भी लीजिये.

सम्पूर्ण आयुर्वेदिक उपचार आर्डर करने के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते हैं. या फिर निचे दी गयी अत्यधिक प्रभावी आयुर्वेदिक/यूनानी दवाएं इस्तेमाल कर सकते हैं जिनका कोई side effect नहीं है.

  • लबूब कबीर
  • मूसली पाक
  • गो क्युरेबल उत्तेजना तिला योग

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लिंग की मालिश का सही और गलत तरीका – Complete Guide to massage your organ

लिंग की मालिश का सही और गलत तरीका – Complete Guide to massage your organ

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लिंग में कई गुना अधिक कठोरता और लिंग की लम्बाई मोटाई बढ़ाने के लिए हमारा बनाया हुआ खास herbal oil इस्तेमाल करें 

लिंग की मालिश लिंग लम्बा और मोटा कर सकती है इसमें कोई शक नहीं लेकिन इसके लिए ज़रूरी है सही तरीके से और सही समय तक मालिश करना. मेरे पास बहुत सारे emails और sms आये कि लिंग की मालिश केसे और कौन से तेल से करनी चाहिए. सबसे पहले तो मै आपको बता दूँ कि कुछ दिनों तक लिंग की मालिश करके अगर आपको कोई result न मिले तो हतोत्साहित होकर मालिश बिलकुल भी न रोकें और उसको निरंतर जारी रखें. इस article में हम लिंग की मालिश केसे करनी है, कौन से तेल से करनी है, कितनी देर तक करनी आदि पर बात करेंगे.

क्यों ज़रूरी है लिंग की मालिश

Why penis massage is essential 

 

लिंग की त्वचा में धमनियों और शिराओं (arteries और veins) का जाल फेला होता है और ये बहोत बारीक बारीक नसें लिंग के अन्दर तक रक्त का प्रवाह करती हैं. जब कोई निरंतर हस्त्मेथुन करता है या फिर निरंतर सम्भोग करता है तो लिंग को काम तो बहुत ज्यादा करना पड़ता है लेकिन उसको पर्याप्त मात्रा में पोषण नहीं मिल पाता और नतीजा ये होता है कि लिंग की नसें कमज़ोर पड़ने लगती हैं. नसों के कमज़ोर होने के कारण लिंग में तनाव की कमी की समस्या शुरू हो जाती है और अगर सही समय पर इसका उपचार न किया जाये तो पुरुष पूरी तरह नपुंसक हो सकता है. लिंग की मालिश करने से इसमें ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और लिंग की लम्बाई और मोटाई में भी वृद्धि होती है.

लिंग की मालिश के फायदे

Benefits of penis massage

  • लिंग की सही तेल और सही तरीके से मालिश करने पर लिंग की मोटाई या girth बढती है और देखा जाये तो लिंग की मोटाई ही स्त्री (woman) कोऔर पुरुष (man) दोनों को ही सन्तुष करने के लिए ज़रूरी होती है. मालिश करने से लिंग में रक्त (blood) ज्यादा भरता है और इसकी मोटाई और थोड़ी बहोत लम्बाई में भी वृद्धि होती है.
  • लिंग की मालिश पुरुष को उम्र के साथ साथ होने वाली नपुंसकता (impotence or erectile dysfunction) से बचाती है.
  • लिंग की मालिश पुरुष की कामेच्छा (libido) को बढाती है और उसको sex करने में अधिक आनंद मिलता है.
  • शीघ्रपतन (premature ejaculation) में लाभदायक

लिंग की मालिश के लिए कौन से तेल इस्तेमाल करना चाहिए

Which oil you should choose to massage

वेसे तो कई सारे लिंग तिला बाज़ार में उपलब्ध हैं लेकिन मै आपको सलाह दूंगा कि आप रेक्स कंपनी का तिला ए आज़म इस्तेमाल करें.  या फिर हमारा बनाया हुआ तिला Gocurable Erection Oil इस्तेमाल करें क्यूंकि हम शादीशुदा और गैरशादीशुदा लोगों को उनकी ज़रूरत के हिसाब से तिला बनाकर देते हैं.

आप चाहें तो जैतून के तेल (olive oil) या सरसों के तेल (mustard oil) से भी लिंग की मालिश कर सकते हैं. लेकिन ध्यान रहे कोई भी तेल शुद्ध होना चाहिए और उसमे कोई गन्दगी या हानिकारक chemical नहीं हो.

मालिश से पहले

Prerequisites 

  • दिन हो या रात मालिश से पहले ये सुनिश्चित कर लें कि आपके पास कम से कम एक घंटा फ्री होना चाहिए ताकि आप तेल लगाकर मालिश करके नहा भी सकें.
  • मालिश से पहले लिंग को और अपने दोनों हाथों को साबुन से अच्छी तरह धो लें. आपके पास एक छोटा बिलकुल साफ़ धुला हुआ तौलिया होना चाहिए और एक बर्तन में गुनगुना पानी. ध्यान रहे की पानी का तापमान इतना हो जो लिंग को जलन महसूस न हो.
  • अब आप तौलिये को पानी में भिगोयें और निचोड़कर लिंग पर लपेट लें. लगभग दो तीन बार 5 मिनट तक ऐसा ही करें. ऐसा करने से लिंग में रक्त संचरण बढ़ेगा और यह मालिश के लिए तैयार हो जायेगा….

अब मालिश कैसे करनी है चलिए जानते हैं

How to massage penis step by step

  • अगर आप कोई आयुर्वेदिक तिला इस्तेमाल कर रहे हैं तो हर तिला से मालिश का तरीका अलग अलग होता है. बेहतर है कि आपको तिला को ज़ेतून के तेल में मिला लेना है और फिर मालिश करनी है.
  • दोनों हाटों पर थोडा सा तेल लें और अच्छी तरह लिंग को तेल से गीला कर लें.
  • उसके बाद आपको अपने हाथ के अंगूठे और अंगूठे के बराबर वाली ऊँगली को मिलाकर अंग्रेजी के O की शेप बनानी है और लिंग को उसके पिछले भाग (पिछला भाग यानि वर्षण/testis से लगा हुआ भाग) से पकड़ लेना है. पकड़ना ऐसे है कि बिलकुल भी लिंग पर जोर न पड़े. अब इस O की शेप को पीछे से आगे की तरफ लाना है और लिंग की टोपी तक लाकर छोड़ देना है. दोनों हाथों से ऐसे ही धीरे धीरे massage करनी है. लगभग 150 से 200 बार ऐसे ही पीछे से आगे की तरफ मालिश करनी है. जैसे ही पेनिस थोडा बड़ा हो जाये यानि की उसमे तनाव आ जाये तो मालिश करनी रोक देनी चाहिए और 5 मिनट रुकने के बाद आपको दोनों हाथों पर अच्छी तरह तेल लेना है और लिंग को दोनों हथेलियों के बिच में रखकर ऐसे मालिश करनी है जैसे आप किसी चीज़ को roll कर रहे हों. ऐसा आपको 2 या 3 मिनट तक करना है.

  • इसके बाद आपको नहा लेना चाहिए. अगर नहा नही सकते तो लिंग और हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोकर तौलिये से पोंछ लेना चाहिए.

भूलकर भी ऐसे मत करें लिंग की मालिश

Precautions during massage

  • अगर आप मालिश करते समय glance penis या लिंग की टोपी की भी मालिश करने लग जाते हैं तो इससे आप उत्तेजित हो सकते हैं और मालिश के साथ साथ आपको हस्त्मेथुन की आदत भी हो सकती है. ऐसा करने से आपको फायदे के बजाये नुकसान होना शुरू हो जाएगा
  • मालिश करते समय लिंग को जोर से मत दबाएँ या जोर से मत खींचे. ऐसा करना लिंग की muscles के लिए अच्छा नहीं है.

कितने समय बाद लाभ मिलना शुरू हो जाता है?

After how many days result of penis massage starts delivering 

आप ये बिलकुल मत सोचिये कि आपको कुछ ही दिनों में लिंग की मोटाई या लम्बाई बढ़ी हुई महसूस होने लगेगी. ये एक लम्बी प्रक्रिया है और लगभग एक साल तक निरंतर लिंग की मालिश करने पर ही परिणाम की आशा की जा सकती है.

मालिश करने से अगर ऐसा प्रभाव दिखाई दे.

Stop massage if something happens like this

कभी कभी तेल की मालिश करने से लिंग पर दाने निकल सकते हैं. अगर ऐसा होता है तो जब तक दाने ठीक न हों मालिश रोक देनी चाहिए. अगर फिर से दाने होते हैं तो आपको जो तेल आप मालिश के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं उसको बदलकर देखना चाहिए. क्यूंकि व्यक्ति विशेष को तेल विशेष से एलर्जी हो सकती है. इस परिस्थिति में तेल को बदलने पर समस्या का समाधान हो जाता है.

अगर आप के मन में इस लेख से सम्बंधित कोई सवाल है तो ज़रूर कमेंट करें और हमे बताएं.

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