सरसों के तेल की मालिश के लिंग के लिए फायदे – Mustard Oil benefits and sideffects

सरसों के तेल की मालिश के लिंग के लिए फायदे – Mustard Oil benefits and sideffects

Brand
Used in following diseases –
Top benefits – 

सरसों यानि की मस्टर्ड आयल के बारे में कौन नहीं जानता. खाना खाने से लेकर विभिन्न आयुर्वेदिक दवाओं और अचार आदि बनाने में इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है. सरसों का तेल भूरी, काली और सफ़ेद सरसों के दानों से तैयार किया जाता है.

सरसों के तेल में कौन कौन सी चीजें पाई जाती हैं

Ingredients of Mustard oil

सरसों के तेल से तेज़ गंध आती है जो करीब से सूंघने पर  नाक को चढ़ जाती है इसका कारण इसमें पाए जाने वाला phyto-cpompund होता है जिसका नाम allyl isothiocyanate होता है. ये सल्फर या गंधक का एक कार्बनिक कंपाउंड है.

सरसों के तेल में 60 प्रतिशत monounsaturated fatty acids वसा पाया जाता है. रिसर्च में ये बात सामने आयी है कि सरसों के तेल में पाया जाने वाला पदार्थ erucic acid काफी ज्यादा मात्रा में होता है जिसकी वजेह से रोजाना सरसों के तेल का इस्तेमाल नुकसानदेह हो सकता है.

लेकिन ये बात भी सच है की सरसों के तेल में दिल को नुकसान देने वाले तेल कम होते हैं और ये ह्रदय रोगियों के लिए फायदेमंद माना जाता है.

लिंग की मालिश कैसे करनी चाहिए इसके लिए पढ़ें ये लेख 

क्या सरसों का तेल लिंग की मालिश के लिए अच्छा होता है?

Does Mustard oil work in erectile dysfunction and premature ejaculation?

अब सवाल ये आता है कि क्या सरसों के तेल से पेनिस या लिंग की massage करने से नसों की कमजोरी दूर की जा सकती है?

सरसों का तेल गर्म होता है और इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड्स भी पाए जाते हैं. तो बहोत संभव है की लिंग को इसकी मालिश से फायदा मिले. लेकिन अगर आप ये सोच रहे हैं की इसके इस्तेमाल से लिंग के ढीलेपन, नपुंसकता को दूर किया जा सकता है तो ऐसा पूर्णतया नही है.

क्या सरसों का तेल लिंग के लिए नुकसानदेह है?

May Mustard Oil be harmful for penis massage?

सरसों के तेल की मालिश से लिंग पर खुजली और जलन हो सकती है. अगर आपको इस तरह की कोई परेशानी हो तो सरसों का तेल आपको प्रयोग नही करना चहिये.

क्या सरसों के तेल से लिंग की लम्बाई और मोटाई को बढ़ाया जा सकता है?

सरसों का तेल लिंग की लम्बाई और मोटाई बढ़ाने में प्रभावी नहीं है.

तो इस आर्टिकल का निष्कर्ष ये है कि जो लोग सरसों के तेल से लिंग को लम्बा मोटा करना चाहते हैं या जो लिंग के ढीलेपन का शिकार हैं सरसों का तेल उसमे कुछ खास असरदार नहीं है.

अगर सरसों का तेल लिंग का ढीलापन दूर नहीं कर सकता या फिर लिंग साइज़ नहीं बढ़ा सकता तो क्या कोई उपचार ऐसा है?

Is there any effective herbal oil formula to cure sexual weakness?

पेनिस पंप (Penis Pump) और लिंग वर्धक तिला (penis enlargement oil) नपुंसकता (erectile dysfunction) और लिंग के ढीलेपन को दूर करने में अत्यंत प्रभावी पाए गए हैं

चाहे हमारे स्वयं के मरीज़ हों या फिर अलग अलग रेसर्चेस की मानें तो लिंग वर्धक पंप और आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से तैयार तिला नपुंसकता और लिंग के ढीलेपन को दूर कने में काफी कारगर है और ये लिंग के साइज़ में भी वृद्धि करता है. लेकिन यहाँ पर ये भी ध्यान रखें की सिर्फ पंप और तिला ही काफी नहीं हैं बल्कि आपको जड़ी बूटियों का भी सेवन करना होगा.

पेनिस पंप क्या होता है और इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है जानने के लिए पढ़े ये लेख या देखें निचे दी गयी विडियो.

पेनिस पंप खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें.

लिंग वर्धक तिला योग किन जड़ी बूटियों से तैयार किया जा सकता है?

Herbal Formula to prepare a powerful penis massage oil

लिंग वर्धक तेल बनाने के लिए उन बहुमूल्य जड़ी बूटियों का प्रयोग किया जाता है जो लिंग की धमनियों और शिराओं को खोलती हैं और उनमे रक्त प्रवाह को बढाती हैं. नीचे हम उन चमत्कारी जड़ी बूटियों को लिख रहे हैं आप चाहें तो खुद भी इन जड़ी बूटियों के इस्तेमाल से ये महायोग तैयार कर सकते हैं. हमने इस योग को GOCURABLE ERECTION OIL का नाम दिया है

  1. एक्स्ट्रा वर्जिन olive आयल (सभी जड़ी बूटियों को लिंग की त्वचा के अन्दर तक ले जाने में मदद करता है. लिंग की मासपेशियों को शक्ति प्रदान करता है.)
  2. शुद्ध कलोंजी (लिंग की नसों में रक् प्रवाह को तीव्र करता है और लिंग उत्थान और स्तंभन में मदद करता है. नपुंसकता दूर करने में उपयोगी.)
  3. बीज तुलसी (शीघ्रपतन की समस्या दूर करता है)
  4. अर्क अदरक (लिंग में उत्तेजना बढ़ाता है.)
  5. अर्क प्याज़ (लिंग में रक्त प्रवाह तीव्र करता है और सत्मभन को बनाये रक्त है ये लिंग से वापस रक्त आने को रोकता है )
  6. अर्क मक्का (लिंग की मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करता है)
  7. मालकांगनी (कमोतेज्जना बढ़ाता है)
  8. बीज तिल (लिंग की मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करता है)
  9. शुद्ध जाफरान / केसर (वीर्य स्खलन होने से रोकता है और उत्तेजना बनाये रखने में सहायक होता है)
  10. लवंग (रक्त संचरण बढ़ाता है. स्तंभन दोष दूर करता है)
  11. तेल अखरोट (लिंग वर्धक और लिंग की त्वचा में मरती हुई नसों को खोलता है)
  12. तेल बादाम (लिंग शक्ति वर्धक)
  13. ओमेगा 3 आयल (नपुंसकता दूर करने में उपयोगी, तंत्रिका तंत्र की गड़बड़ी से होने वाली नपुंसकता को दूर करता है)
  14. विटामिन ए आयल (लिंग की त्वचा को मुलायम करता है और उपरी त्वचा में फेली हुई शिराओं में रक्त संचरण बढ़ाता है.
  15. जडित चने का तेल (शीघ्रपतन की समस्या को दूर करता है

लिंग वर्धक आयुर्वेदिक तिला से कितने दिनों में लाभ मिलना शुरू हो जाता है. अगर आप उपयुक्त तरीके से तिला तय्यार करते हैं और उसमे बताई गयी जड़ी बूटियों की पूरी शक्ति सम्मिलित रहती है तो आपको एक हफ्ते में ही आपको फायदा मिलना शुरू हो जायेगा. एक महीने में आप 30% लाभ की उम्मीद कर सकते हैं. लेकिन सम्पूर्ण लाभ मिलने के लिए आपको निरंतर लगभग 6 महीने तक इसका उपयोग करना होगा. यहाँ पर ये भी उल्लेख करना अनिवार्य है की मरीज़ की स्तिथि के अनुसार लाभ कम या ज्यादा हो सकता है.

15+ जड़ी बूटियों से बनाया गया लिंग वर्धक और नपुंसकता को दूर करने में सहायक में अत्यंत उपयोगी तेल हम अपने मरीजों को दवा के तौर पर देते हैं. तेल प्राप्त करने और अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें.

 

 

[types field=’ingredients’][/types]

दवा को इस्तेमाल करने का तरीका, खुराक और समय, Dosage, How to use


[types field=’dosage-how-to-use’][/types]

सरसों… से सम्बंधित कुछ सवाल जवाब, Questions related to Medicine


[types field=’important-question-answers’][/types]

सवाल पूछें – Ask Question

Contact Us
First
Last
[toc]

Other related useful content on our website

Product Tags

धातु रोग या शुक्रमेह के लिए 2 रामबाण आयुर्वेदिक औषधियां

Brand
Used in following diseases –
Top benefits – 

शुक्रमेह युवाओं के लिए एक बुरे सपने के समान बीमारी है। इसको अंग्रेज़ी में spermatorrhea कहते हैं। पेशाब करते समय या मूत्र त्याग करते समय चिपचिपा पदार्थ या धातु निकलता है जिसको उर्दू में कतरा आना बोलते हैं।

असल में शुक्रमेह या धातुरोग शारीरिक दुर्बलता की वजह से होता है। यहां पर मै ये साफ कर देना चाहता हूं कि धात आने की वजह से दुर्बलता नहीं होती है बल्कि पहले से दुर्बल शरीर के कारण धातु रोग होता है। अक्सर युवा इस बात को लेकर चिंतित होते हैं कि धात आने से उनको कमजोरी महसूस होती है और उनके चेहरे की रौनक या कांति चली जाती है। ये सिर्फ उनका वेहम होता है।

शुक्रमेह या धातुरोग क्यों होता है।

Causes of spermatorrhea

dhat ane ya dhatu rog ka karan

शरीर में किसी वजह से आयी कमजोरी पेल्विक मांसपेशियां जो पेशाब निकालने को नियंत्रित करती हैं को भी कमजोर के देती है जिसके कारण पेशाब के साथ साथ प्रोस्टेट ग्रंथी में बनने वाला द्रव्य यानी कि शुक्र भी पेशाब के साथ आने लगता है।

शुक्रमेह से होने वाले नुकसान

Harms of shukrmeh

शुक्रमेह का रोगी शीघ्रपतन और नपुंसकता का शिकार हो जाता है। शुक्रमेह से पीड़ित पुरुष संभोग का बिल्कुल भी आनंद नहीं के पाता बल्कि उसको यही चिंता सताती है कि कैसे वो अपनी पत्नी को संतुष्ट कर सके। धातुरोग से पीड़ित व्यक्ति सही समय पर उपचार ना मिलने पर पूरी तरह नपुंसक भी हो सकता है।

शुक्रमेह के उपचार के लिए रामबाण आयुर्वेदिक उपचार

Sureshot ayurvedic treatment for spermatorrhea

dhatu rog ka ramban ayurvedic ilaj

इसका इलाज करने के लिए जरूरी है शारीरिक दुर्बलता और वीर्य के पतलेपन को दूर करना और इसके लिए हर्बल मेडिसिंस, व्यायाम और मालिश की ज़रूरत होती है। नीचे हम सर्वाधिक कारगर आयुर्वेदिक और यूनानी दवाएं बता रहे हैं जिनका शत प्रतिशत परिणाम मिलता है।

धातु पौष्टिक चूर्ण (Dhatu Puashtik Churn)

ये आयुर्वेद का एक अत्यन्त उपयोगी योग है और ऋषि मुनियों के समय से इसको तैयार किया जाता रहा है। ये योग सभी प्रकार की पुरुष यौन समस्याओं ख़ासतौर से धातुरोग या शुक्रमेह का रामबाण उपचार है। धातु पौष्टिक चूर्ण शतावरी, सफ़ेद मूसली, अश्वगंधा, बीज्बंद और बिदारीकंद जैसी ऐसी सभी देसी दवाओं का संतुलित मिश्रण है जो दुर्बल शरीर को शक्ति देता है और वीर्ये को गाढ़ा बनाता है. धातु पौष्टिक चूर्ण वीर्य में शक्राणुओं की संख्या बढाता है और नपुंसकता यानि की लिंग में ढीलेपन को दूर करने में भी सहायक है. ये अद्भुत आयुर्वेदिक दवा किशोरों में होने वाली स्वप्नदोष की अधिकता में भी फायदेमंद है.

धातु पौष्टिक चूर्ण की खुराक (Dosage)

इस चूर्ण या पाउडर को 5 से १० ग्राम दिन में दो बार हलके गर्म दूध के साथ ले सकते हैं.

धातु पौष्टिक चूर्ण घटक (ingredients)

Shatavari, Gokhru Beej, Beejband, Banshlochan, Kabab-chini,Chopchini, Kawanch beej, Safed musli, Kali musli, Sontha,Kali Mirch, Pipal, Salam, Mishri, Vidarikand, Ashwagandha, Nisoth.

धातु पौष्टिक चूर्ण दिन में और रात में किस समय लेना चाहिए

सुबह नाश्ते के बाद और रात में खाना खाने के लगभग एक घंटे बाद ले सकते हैं

धातु पौष्टिक चूर्ण कितने दिन तक लेना चाहिए

धातु पौष्टिक चूर्ण एक सुरक्षित आयुर्वेदिक औषधि है और इसको लम्बे समय तक लिया जा सकता है. इसका अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए लगभग ६ महीने तक इसका सेवन करना चाहिए.

क्या धातु पौष्टिक चूर्ण का कोई विकल्प भी है?

Alternatives of Shatu Pushtik Churan

जी हैं धातु पौष्टिक चूर्ण के कुछ बहोत अच्छे विकल्प भी उपलब्ध हैं. अगर किसी वजेह से आपको धातु पौष्टिक चूर्ण उपलब्ध नहीं हो पता है तो आप  सुपारी पाक का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा शतावरी कल्प भी इसका एक अच्छा अल्टरनेटिव है.

सुपारी पाक (Supari Paak)

ये भी एक धातु पौष्टिक चूर्ण की तरह ही पूर्णतया herbal आयुर्वेदिक दावा है जिसको सुपारी या छाली (betal nut), बला, जायफल, दालचीनी, हरीतकी, आमला, शतावरी, मखाना, गोखरू और दूसरी कई सारी जड़ी बूटियों से तैयार किया जाता है. सुपारी पाक स्त्री और पुरुषों दोनों के लिए उपयोगी है और शारीरिक दुर्बलता को दूर करता है. वज़न बढ़ाता है और वीर्ये को पुष्ट करता है. बॉडी बिल्डिंग के इच्छुक युवक भी बॉडी बनाने के लिए इस औषधि का सेवन कर सकते हैं. कुछ कम्पनियाँ सुपारी पाक में रसायन भी मिला देती हैं तो उसकी कंपनी का सुपारी पाक खरीदें जिसमे रसायन न हो. नीचे दी गयी किसी कंपनी का खरीद सकते हैं.

सुपारी पाक की खुराक और परहेज़

नवयुवक (20 साल से कम के पुरुष) 5 ग्राम दिन में दो बार हलके गर्म दूध के साथ लें और 20 साल से ऊपर के पुरुष १० ग्राम दिन में दो बार. पूर्ण लाभ के लिए कम से कम ६ महीने तक इस्तेमाल करें. मसालेदार और तला भुना खाना न खाएं. अत्यधिक सम्भोग और हस्त्मेथुन से बचें.

Dhootpapeshwar शिलाप्रवंग स्पेशल

धूतपापेश्वर mumbai based आयुर्वेदिक दवा कंपनी है. और इस कंपनी के सभी उत्पाद अपनी गुणवत्ता (quality) के लिए जाने जाते हैं जैसे कि स्वामला के बारे में हम पहले ही बता चुके हैं की कैसे ये दूसरे च्यवनप्राश से कई गुना बेहतर है.

शिलाप्रवंग टेबलेट्स धूतपापेश्वर द्वारा बनाया गया एक बहुत ही खास (very precious) आयुर्वेदिक formula है जो की पुरुष में शारीरिक दुर्बलता को दूर करने और काम शक्ति को बढाने में अत्यंत लाभदायक है.

शिलाप्रवंग जड़ी बूटियों (herbs) जैसे की अश्वगंधा, गोखरू, बला, शतावरी, अकरकरा, जायफल आदि के extract से बनी है ये सभी जड़ी बूटियां पुरुषों की यौन समस्याओं की अचूक दवाईयां हैं और ये नपुंसकता (erectile dysfunction), शीघ्रपतन (Premature ejacultation), शुक्रमेह (spermatorrhea), स्वप्नदोष (nocturnal emission) और मूत्रमार्ग (urinary tract) से सम्बंधित रोगों को दूर करती हैं.

शिलाप्रवंग एक बहुमूल्य आयुर्वेदिक मेडिसिन है जिसमे स्वर्ण भस्म (gold), शिलाजीत, मोती(coral) की भस्म और टिन धातु की भस्म भी सम्मिलित होती है जो ज़बरदस्त कामशक्ति वर्धक (male sex power booster) होती हैं और शारीरिक दुर्बलता (general debility) दूर करती हैं.

शिलाप्रवंग के घटक (ingredients)

Shuddha Shilajit 40 mg, Mouktik Pishti 1 mg Pravala Bhasma 20 mg, Suvarnamakshik Bhasma 20 mg,  Akarkarabh 10 mg, Guduchi Satva 20 mg, Ashwagandha 60 mg, Shatavari 15 mg, Gokshur 15 mg, Balamoola 15 mg, Amalaki 10 mg, Jatiphal 5 mg, Karpoor 5 mg, Latakasturi beej 20 mg, Kraunchbeej 90 mg, Makardhwaj 10 mg, Suvarna Bhasma 1 mg, Vanga Bhasma 20 mg

शिलाप्रवंग की खुराक (dosage)

शिलाप्रवंग की एक या दो गोली दिन में दो बार हलके गर्म दूध के साथ ले सकते हैं. एक स्वस्थ व्यक्ति जिसको गुर्दों और दिल की या कोई और गंभीर बीमारी न हो, शिलाप्रवंग को दो महीने तक इस्तेमाल कर सकता है.

शिलाप्रवंग के साथ क्या परहेज़ करें (prevention)

शिलाप्रवंग के साथ कोई दूसरी ऐसी आयुर्वेदिक दवा नहीं लेनी चाहिए जिसमे वंग या टिन भस्म, मोती भस्म, स्वर्ण भस्म और शिलाजीत हो. मसालेदार और तले भुने खाने से बचना चाहिए.

शुक्रमेह को दूर करने के लिए ये व्यायाम भी करें – पढ़ें ये आर्टिकल

शुक्रमेह को दूर करने के लिए लिंग की मालिश भी करें. पढ़ें ये आर्टिकल

[types field=’ingredients’][/types]

दवा को इस्तेमाल करने का तरीका, खुराक और समय, Dosage, How to use


[types field=’dosage-how-to-use’][/types]

धातु … से सम्बंधित कुछ सवाल जवाब, Questions related to Medicine


[types field=’important-question-answers’][/types]

सवाल पूछें – Ask Question

Contact Us
First
Last
[toc]

Other related useful content on our website

Product Tags
नपुंसकता, लिंग स्तंभन दोष के लिए 4 असरदार आयुर्वेदिक तेल

नपुंसकता, लिंग स्तंभन दोष के लिए 4 असरदार आयुर्वेदिक तेल

Brand
Used in following diseases –
Top benefits – 

[toc]

लिंग में कई गुना अधिक कठोरता और लिंग की लम्बाई मोटाई बढ़ाने के लिए हमारा बनाया हुआ खास herbal oil इस्तेमाल करें 

GoCurable Special Erection Oil

GoCurable.com की अनुभवी और कुशल आयुर्वेदिक डोक्टेर्स की टीम ने आयुर्वेद की अमूल्य औषधियों का इस्तेमाल करके और एसेंशियल ऑयल्स के मिश्रण से एक शक्तिशाली penis topical tonic तैयार किया है जो विभिन्न मरीजों पर आज़माने के बाद काफी प्रभावशाली सिद्ध हुआ है.

GoCurable Special Erection Oil उन लोगों के लिए वरदान की तरह होता है जो नपुंसकता की मार झेल रहे होते हैं या लिंग में तनाव की कमी के कारण उनके लिंग की लम्बाई और मोटाई घट गयी है.

GoCurable  Special Erection Oil पूरी तरह प्राक्रतिक जड़ी बूटियों के एसेंशियल ऑयल्स द्वारा निर्मित है और इसमें हमने किसी भी रसायन का प्रयोग नहीं किया है इसलिए ये न सिर्फ लिंग को पोषण प्रदान करता है बल्कि पूरी तरह सुरक्षित भी है.

GoCurable Special Erection Oil के मुख्य घटक या ingredients

  • Black cumin seeds
  • Clove
  • Saffron
  • Rose
  • Almond
  • Wallnut
  • Akarka processed
  • Sesame
  • Ginger
  • Malkangni
  • Olive oil

GoCurable Special Erection Oil हमारी कंसल्टेशन सेवा के बाद ही उपलब्ध हो पाता है. कंसल्टेशन क्यों ज़रूरी है

  • कोई भी दवा चाहे वो अंग्रेजी हो या देसी बिना चिकित्सक की सलाह के लेना गलत है. हो सकता है आप जो दावा ले रहे हैं वो आपके लिए सही न हो और आपको दूसरी दवा लेनी चाहिए
  • हमारा लिंग oil बाज़ार में बिक रहे ब्रांड्स की तरह नही है बल्कि हम अलग अलग मरीजों को उनकी ज़रूरत के हिसाब से अलग अलग तरह का oil तय्यार करके देते हैं. ताकि रोगी को सम्पूर्ण लाभ मिल सके.
  • अगर आप स्तंभन की समस्या (लिंग शिथिलता) से त्रस्त हैं तो सिर्फ तेल ही काफी नहीं है इसके लिए आपको सही व्यायाम, खानपान और खायी जाने वाली आयुर्वेदिक औषधियों की ज़रूरत भी होती है जो रोगी की उम्र, और उसकी मेडिकल रिपोर्ट्स के अधर पर दी जाती हैं.

जैसे हमारे बालों को पोषण के लिए एक अच्छे herbal oil की ज़रूरत होती है और हम इसके लिए आयुर्वेदिक, यूनानी या फिर किसी दुसरे तरीके से बने प्राक्रतिक तेल का इस्तेमाल करते हैं ठीक वेसे ही पुरुष गुप्तांग या लिंग (Penis) को भी स्वस्थ बने रहने के लिए समय समय पर पोषण की ज़रूरत होती है. लिंग में सम्पूर्ण उत्तेजना के लिए  शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना तो आवश्यक है ही लेकिन इसको बाहरी पोषण मिलना भी ज़रूरी है.

सम्भोग की अधिकता (excess of having sex), शारीरिक या मानसिक बिमारियों जैसे ह्रदये सम्बंधित परेशानियों, मधुमेह, अवसाद (depression), घबराहट आदि की वजेह से लिंग में जाने वाले रक्त में कमी आ सकती है और लिंग पूरी तरह उत्तेजित नहीं हो सकता. या अगर उत्तेजना आती भी है तो कुछ ही समय बाद लिंग शिथिल हो जाता है और पुरुष और स्त्री सम्भोग का पूरा आनंद नहीं ले पाते हैं. ये स्थिति काफी दुखद और वैवाहिक संबंधो को नकारत्मक रूप से प्रभावित करने वाली होती है. ऐसे समय में पति पत्नी दोनों को संयम से काम लेना चाहिए और बिना घबराए हुए एक अच्छे आयुर्वेदिक डॉक्टर से उपचार लेना चाहिए. 

लिंग में तनाव बढाने के लिए herbal oil सुप्प्लिमेंट्स काफी मददगार साबित हुए हैं. जड़ी बूटियों से तैयार किये जाने वाले इन तेलों की लिंग पर ठीक से और सावधानी मालिश करने से लिंग की मास्पेशियाँ (muscles) मजबूत होती हैं और लिंग की धमनियों और शिराओं में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है. इन तेलों के निरंतर और सही ढंग से इस्तेमाल करने से लिंग उत्तेजित होने पर पहले से ज्यादा कठोर, लम्बा और मोटा महसूस होता है और इसमें तनाव भी ज्यादा समय के लिए बना रहता है.

इस article में हमने उन सभी तेलों पर प्रकाश डाला है जो लिंग के ढीलेपन या erectile dysfunction के उपचार में काफी प्रभावी हैं.

नपुंसकता या erectile dysfunction के आयुर्वेदिक उपचार के बारे में यहाँ पढ़ें

हिमकोलिन जेल  (Himcolin Gel)

हिमकोलिन जेल एक अत्यधिक लोकप्रिय और प्रभावी औषधि है जो हिमालया हर्बल्स द्वारा बनायीं जा रही है. ये तेल gel के रूप में होता है जो पूरी तरह जड़ी बूटियों से तैयार किया जाता है और इसमें किसी तरह का कोई रसायन नहीं होता है तो ये पूरी तरह सुरक्षित है. हिम्कोलिन gel कमोतेज्जना बढाता है और लिंग में तनाव (इरेक्शन) को बढाता है. हिम्कोलिन gel नपुंसकता, लिंग में तनाव की कमी को दूर करने में काफी सहायक है.

हिमकोलिन जेल के मुख्य घटक या ingredients

  • लताकस्तूरी
  • ज्योतिष्मती
  • निर्गुण्डी
  • बादाम
  • कार्पास
  • तेजपत्र
  • मुकुलक
  • जातिपत्री
  • जायफल
  • लवंग

हिमकोलिन जैल के मुख्य फायदे (Benefits of Himcolin Gel)

  • नपुंसकता के उपचार में उपयोगी
  • लिंग में तनाव की गुणवत्ता को बढाता है
  • लम्बे समय तक तनाव को बनाये रखता है
  • शीघ्रपतन में उपयोगी

हिमकोलिन जैल को लगाने का तरीका (How to use Himcolin Gel)

  • सबसे पहले लिंग को किसी सुरक्षित साबुन से धो लें और तौलिये से साफ कर लें
  • जब लिंग से पानी की नमी पूरी तरह उड़ जाये
  • इसके बाद आपको त्वचा का इस दवा के प्रति संवेदनशीलता को जांचना है. जिससे ये पता चल सके कि हिमकोलिन जेल आपकी लिंग की त्वचा (स्किन) के लिए सुरक्षित है भी या नहीं. असल में होता क्या है कि लिंग की स्किन बहोत ज्यादा नाज़ुक (sensitive) होती है तो कोई भी तेल या क्रीम किसी भी व्यक्ति के लिंग पर जलन या खुजली कर सकती है. तो बेहतर है कि पहले ही इस बात को परख लिया जाये.
  • हिमकोलिन जेल को नहीं के बराबर अपनी एक ऊँगली के पोरवे  (fingertip) पर लें और फिर उसको लिंग के टोपी से पीछे वाले भाग पर (shaft) पर थोड़ी सी जगह पर हल्का सा लगाकर छोड़ दें. अगर आपके लिंग की स्किन को हिम्कोलिन जेल suite नहीं करता है तो आधा मिनट के अंदर अंदर आपको लिंग पर तेज़ जलन महसूस हो सकती है. इस स्थिति में तुरंत लिंग को साबुन से धोकर इसपर नारियल का तेल लगा लें. और ये मान लें की हिम्कोलिन जेल आपके लिंग के लिए सुरक्षित नहीं है. अगर सिर्फ हलकी जलन महसूस होती है और थोड़ी देर में ये जलन अपने आप ख़त्म हो जाती है तो आप हिमकोलिन जेल का इस्तेमाल कर सकते हैं
  • अब आपको अपनी एक ऊँगली पर हिम्कोलिन जेल ऐसे निकलना है जैसे आप toothpaste ब्रश पर निकलते हैं. इसके बाद इसको थोडा थोडा करके लिंग पर लगाइए और आराम से बिना लिंग पर दबाव डाले इसकी मालिश कीजिये.
  • ध्यान रहे कि हिमकोलिन जेल, तेल जैसा चिकना नहीं होता और इसको धीरे धीरे ही लिंग पर मालिश करें अन्यथा घर्षण (friction) की वजेह से स्किन को नुकसान हो सकता है.
  • लगभग १० मिनट तक मालिश करने के बाद आप चाहें तो आधे घंटे बाद धो सकते हैं और चाहें तो कुछ घंटो बाद भी धो सकते हैं.
  • हिम्कोलिन जेल का इस्तेमाल आपको रोजाना करना है.

अगर आप अविवाहित हैं यानि आपकी शादी नहीं हुई है या आपको हाल फिलहाल में सम्भोग नही करना है तो –

रात सोने से पहले आपको इसका इस्तेमाल करना है

लिंग की टोपी यानि कि glance penis पर इसको नहीं लगाना है. ऐसा करने आपको उत्तेजना हो सकती है और सम्भोग करने की इच्छा बढ़ सकती है.

अगर आप विवाहित हैं या किसी के साथ sexual relationship में हैं तो –

सम्भोग से आधा घंटा पहले हिम्कोलिन जेल से मालिश करें और आप इसको लिंग टोपी पर भी लगा सकते हैं जिससे कमोतेज्जना में वृधी (improves libido) होती है.

हिमकोलिन जेल के नुकसान या sideeffects (Sideffects of Himcolin Gel)

वेसे तो हिमकोलिन जेल पूरी तरह सुरक्षित है लेकिन अगर इसके इस्तेमाल से लिंग पर या आपके पार्टनर की योनी (vagina) में जलन या खुजली जैसे लक्षण (allergic symptoms) दिखाई देते हैं तो इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

Japani Tel

जापानी तेल एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक उत्पाद है जो लगभग सभी मेडिकल स्टोर्स पर उपलब्ध रहता है. जापानी तेल अमूल्य जड़ी बूटियों से बनाया गया एक असरदार तेल है जो नपुंसकता (Erectile Dysfunction), लिंग के ढीलेपन और शीघ्रपतन को दूर करने में मदद करता है. इस तेल की मालिश से लिंग में रक्त प्रवाह बढ़ जाता है जिसके फलस्वरूप लिंग की लम्बाई भी बढ़ी हुई महसूस होती है यानि यह तेल पूर्ण लिंग उत्थान में सहायक है.

जापानी तेल अकरकरा, केसर, लौंग और दूसरी कीमती जड़ी बूटियों से बनाया जाता है और इसकी खास बात ये है की ये दुसरे तेलों की तुलना में बहुत ज्यादा सुरक्षित पाया गया है.

जापानी तेल के मुख्य घटक या ingredients

  • Akarkara (Anacyclus Pyrethrum)
  • Malla rasayan
  • Malkangni (Celastrus paniculatus)
  • Keshar (saffron)
  • Harttal rasayan
  • Jaitoon Oil (olive oil)
  • Laung (clove)
  • Tilli oil

जापानी तेल के फायदे

  • लिंग स्तंभन दोष, लिंग शिथिलता, ढीलापन दूर करने में मदद करता है
  • शीघ्रपतन समस्या में उपयोगी
  • कमोतेज्जना, libido बढाता है

जापानी तेल को लगाने का तरीका

जापानी तेल को भी हिमकोलिन जेल की तरह ही इस्तेमाल करना है लेकिन इसकी 7-8 बुँदे ही एक बार में इस्तेमाल की जाती हैं.

सावधानियां और इसके sideeffects

सभी लिंग पर लगाये जाने वाले तेलों या लेप के इस्तेमाल में सावधानियां और sideeffects वही हैं जो ऊपर हिमकोलिन जेल के बारे में बताये गए हैं.

सांडा तेल

यहाँ पर आपको थोडा साफ़ बताना पड़ेगा की ये सिर्फ ब्रांड का नाम ही सांडा है लेकिन इस तेल में सांडा यानि कि sand lizard का तेल बिकुल भी नहीं होता है और ये पूरी तरह से एक आयुर्वेदिक तेल है जो विभिन्न आयुर्वेदिक दवाओं से तैयार किया जाता है.

सांडा तेल फ़ॉर्मूला (sandha oil ingredients)

  • Black cumin seeds oil
  • Withaniasominifera /Ashawagandha
  • Sura sur
  • Dhatura

सांडा तेल के फायदे

ये तेल भी दुसरे तेलों की तरह मुख्यतः लिंग स्तंभन दोष या erectile dysfunction के उपचार में इस्तेमाल किया जाता है. साथ में ये शीघ्रपतन या premature ejaculation की समस्या को भी दूर करने में सहायक हो सकता है.

सांडा तेल को लगाने का तरीका

सांडा तेल को भी हिमकोलिन जेल की तरह ही इस्तेमाल करना है लेकिन इसकी 7-8 बुँदे ही एक बार में इस्तेमाल की जाती हैं.

सांडा तेल – सावधानियां और इसके sideeffects

सभी लिंग पर लगाये जाने वाले तेलों या लेप के इस्तेमाल में सावधानियां और sideeffects वही हैं जो ऊपर हिमकोलिन जेल के बारे में बताये गए हैं.

GoCurable Special Erection Oil

GoCurable.com की अनुभवी और कुशल आयुर्वेदिक डोक्टेर्स की टीम ने आयुर्वेद की अमूल्य औषधियों का इस्तेमाल करके और एसेंशियल ऑयल्स के मिश्रण से एक शक्तिशाली penis topical tonic तैयार किया है जो विभिन्न मरीजों पर आज़माने के बाद काफी प्रभावशाली सिद्ध हुआ है.

GoCurable Special Erection Oil उन लोगों के लिए वरदान की तरह होता है जो नपुंसकता की मार झेल रहे होते हैं या लिंग में तनाव की कमी के कारण उनके लिंग की लम्बाई और मोटाई घट गयी है.

GoCurable  Special Erection Oil पूरी तरह प्राक्रतिक जड़ी बूटियों के एसेंशियल ऑयल्स द्वारा निर्मित है और इसमें हमने किसी भी रसायन का प्रयोग नहीं किया है इसलिए ये न सिर्फ लिंग को पोषण प्रदान करता है बल्कि पूरी तरह सुरक्षित भी है.

GoCurable Special Erection Oil के मुख्य घटक या ingredients

  • Black cumin seeds
  • Clove
  • Saffron
  • Rose
  • Almond
  • Wallnut
  • Akarka processed
  • Sesame
  • Ginger
  • Malkangni
  • Olive oil

GoCurable Special Erection Oil हमारी कंसल्टेशन सेवा के बाद ही उपलब्ध हो पाता है. कंसल्टेशन क्यों ज़रूरी है

  • कोई भी दवा चाहे वो अंग्रेजी हो या देसी बिना चिकित्सक की सलाह के लेना गलत है. हो सकता है आप जो दावा ले रहे हैं वो आपके लिए सही न हो और आपको दूसरी दवा लेनी चाहिए
  • हमारा लिंग oil बाज़ार में बिक रहे ब्रांड्स की तरह नही है बल्कि हम अलग अलग मरीजों को उनकी ज़रूरत के हिसाब से अलग अलग तरह का oil तय्यार करके देते हैं. ताकि रोगी को सम्पूर्ण लाभ मिल सके.
  • अगर आप स्तंभन की समस्या (लिंग शिथिलता) से त्रस्त हैं तो सिर्फ तेल ही काफी नहीं है इसके लिए आपको सही व्यायाम, खानपान और खायी जाने वाली आयुर्वेदिक औषधियों की ज़रूरत भी होती है जो रोगी की उम्र, और उसकी मेडिकल रिपोर्ट्स के अधर पर दी जाती हैं.

सवाल जवाब

Q. क्या ऊपर दिए गए किसी तेल से लिंग की लम्बाई को बढाया जा सकता है?

A. इन तेलों से लिंग में तनाव की वृद्धि होती है जिससे एक इंच तक लम्बाई बढ़ सकती है

Q. क्या तेल का इस्तेमाल पूरी तरह लिंग की ढीलेपन (erectile dysfunction) को दूर कर सकता है?

A. इन तेलों के इस्तेमाल से नपुंसकता के उपचार में काफी सहायता मिल सकती है और काफी मरीजों में ये पूरी तरह से नपुंसकता को दूर कर सकते हैं. लेकिन चूँकि नपुंसकता के कारण अलग अलग हो सकते हैं तो बहोत सरे मरीजों को इन तेलों के इस्तेमाल के साथ साथ खाने वाली दवा की भी ज़रूरत होती है

Q. क्या एक स्वस्थ व्यक्ति जिसको लिंग के ढीलेपन की समस्या न हो वो भी इन तेलों का इस्तेमाल कर सकता है?

A. ये बहोत अछि बात है कि अगर आप स्वस्थ हैं तो हफ्ते में एक या दो बार लिंग की मालिश करें इससे लिंग में तनाव को और ज्यादा बढाया जा सकता है और बेहतर sex-drive का आनंद लिया जा सकता है.

 

 

[types field=’ingredients’][/types]

दवा को इस्तेमाल करने का तरीका, खुराक और समय, Dosage, How to use


[types field=’dosage-how-to-use’][/types]

नपुंस… से सम्बंधित कुछ सवाल जवाब, Questions related to Medicine


[types field=’important-question-answers’][/types]

सवाल पूछें – Ask Question

Contact Us
First
Last
[toc]

Other related useful content on our website

Product Tags
शीघ्रपतन का सरल आयुर्वेदिक और देसी इलाज/ Herbal And Ayurvedic Treatment For Premature Ejaculation

शीघ्रपतन का सरल आयुर्वेदिक और देसी इलाज/ Herbal And Ayurvedic Treatment For Premature Ejaculation

Brand
Used in following diseases –
Top benefits – 

शीघ्रपतन का सरल आयुर्वेदिक और देसी इलाज

शीघ्रपतन जिसे अंग्रेजी में Premature Ejaculation कहते हैं का मतलब है सेक्स के दौरान वीर्य का जल्दी निकल जाना यानि इतना जल्दी निकल जाना कि न तो लड़के का खुद ही दिल भरे और न लड़की ही खुश हो पाए. कई बार तो शीघ्रपतन की समस्या इतनी बढ़ जाती है कि लिंग को योनि में डालने से पहले ही वीर्य निकल जाता है. ऐसे में लड़का बस शर्मिंदा होकर रह जाता है और सेक्स करने से घबराने लगता है. लेकिन घबराइए नहीं, अगर आप भी शीघ्रपतन की समस्या से जूझ रहे हैं और परेशान हैं तो हमारा यह लेख ध्यान से पढ़िए क्योंकि शीघ्रपतन का इलाज संभव है.

कैसे? आओ जानें.

शीघ्रपतन क्या है ?

सबसे पहले ये जानना बेहद ज़रूरी है कि किस कंडीशन को शीघ्रपतन बोला जाए?
कोई पुरुष वीर्य निकलने से पहले कितनी देर तक penetrating sex यानि लिंग को योनि में डालकर सेक्स कर सकता है, यह सेक्स का समय कहलाता है. इसमें फोरप्ले (foreplay)  यानि चुम्बन आदि का समय शामिल नहीं है.
यूँ तो मर्द की इच्छा होती है कि सेक्स का समय ज़्यादा से ज़्यादा हो. सेक्स में टिकने का समय अलग अलग लड़कों में अलग अलग होता है. लेकिन रिसर्च से ये बात सामने आयी है कि आमतौर पर औसतन एक तंदुरुस्त लड़का जिसकी उम्र 18 से 30 कि बीच में होती है लगभग 20 से 30 मिनट तक लिंग को योनि में डालकर (पेनेट्रेटिंग सेक्स) सेक्स कर सकता है.
अगर कोई लड़का 10 मिनट या इससे भी कम देर तक अपने साथी के अंदर नहीं टिक पाता है तो उसे शीघ्रपतन का रोगी माना जाता है.
शीघ्रपतन को गंभीरता के आधार पर कई स्टेजेस (stages ) में बांटा गया है.
जैसे
स्टेज 1. लिंग को योनि में डालने के बाद बहुत जल्दी वीर्य का निकल जाना
स्टेज 2. फोरप्ले जैसे चुम्बन, साथी के स्पर्श से ही वीर्य का निकल जाना
स्टेज 3. लड़की से बात करने मात्र से या लड़की का ख्याल आने से ही वीर्य का निकल जाना.

स्टेज 3 शीघ्रपतन में लड़का सेक्स कर पाने में असमर्थ हो जाता है.

शीघ्रपतन का इलाज (Treatment For Premature Ejaculation):

सबसे पहले अपने दिमाग़ से ये बात पूरी तरह निकाल दें कि शीघ्रपतन कथित बचपन की गलतियों की वजह से हुआ है या अधिक हस्तमैथुन (masturbation) की वजह से हुआ है और जो होना था हो चुका, अब कोई इलाज मुमकिन नहीं है. ऐसा बिलकुल नहीं है. शीघ्रपतन एक मानसिक और शारीरिक बीमारी है जिसका पूरी तरह से इलाज संभव है.
अच्छी बात यह है कि शीघ्रपतन के एक नहीं कई कारगर हर्बल (herbal) और शुद्ध आयुर्वेदिक इलाज मौजूद हैं.
चाहें आप खुद घर पर बना सकते हैं या बाज़ार से बने बनाये योग (medicines) खरीद सकते हैं.

White Musli

सफ़ेद मूसली (safed musli )

खुद घर पर बनाएं:
1. 10 से 20 ग्राम सफ़ेद मूसली को दूध में हलकी आंच पर लगभग 15 मिनट तक पकाएं. दूध सुबह बनाकर रख लें. सुबह नाश्ते के बाद और रात को खाना खाने के बाद पी लें.
2. सिंघाड़े सुखाकर उनकी गिरी पीसकर रख लें. रोज़ सुबह को नाश्ते के साथ 1 गिलास दूध में 1 चम्मच सिंघाड़े की गिरी 7-8 मखानों के साथ खाएं.
3. सहिजन जिसे इंग्लिश में ड्रमस्टिक (drumstick plant) कहते हैं की फली से हर कोई परिचित है के फूलों को दूध में उबालकर पिएं. शरू में 5 फूलों और 200 मिली दूध से करें. आराम न होने पर फूलों कि संख्या 10 तक बढ़ा सकते हैं.

सहिजन (Drum stick)

4. 10 छुहारे 200 मिली दूध में तब तक पकाएं जब तक छुहारे रंग न छोड़ दें. दूध रात को सोने से पहले पी लें. ये एक बहुत ही बलकारी योग है.
5. बने बनाये योग: हिमालया की कॉन्फिडो टेबलेट्स, वीर्य पौष्टिक चूर्ण आदि.

इन बातों का भी रखें ध्यान:
1. सेक्स नियमित करें. दो बार सेक्स के बीच एक हफ्ते से अधिक गैप न रखें.
2. वीर्य निकलने कि बाद कुछ देर रूककर फिर सेक्स करें. दूसरी बार में सेक्स का टाइम पहले से हमेशा ज़्यादा होता है.
3. सेक्स से पहले सेक्स के बारे में न सोचें.
4. सेक्स को बहुत हलके में लें. ऐसे सोचें कि आप और आपका पार्टनर रोज़ सेक्स करने वाले हैं और यह पहला और आखरी मौक़ा नहीं है.
5. सेक्स के दौरान सिर्फ ये सोचकर घबराते न रहे कि वीर्य निकलने वाला है, रिलैक्स रहें.

दोस्तों, सभी जानकारी आपकी जानकारी के लिए है और डॉक्टर की सलाह का बदल नहीं है, क्योंकि कौनसी दवाई किसके लिए सही है और किसके लिए नहीं, इस बात का सही फैसला डॉक्टर ही ले सकता है. सही दवाई चुनने में मरीज़ की मेडिकल हिस्ट्री बहुत अहम है जैसे बीमारी कब से है, कैसे शुरू हुई, क्या मरीज़ किसी अन्य बीमारी के लिए दवाई ले रहा है वगैरा.

अगर आप शीघ्रपतन की समस्या से परेशान हैं तो हमें लिखिए या हमसे कांटेक्ट कीजिये.

[types field=’ingredients’][/types]

दवा को इस्तेमाल करने का तरीका, खुराक और समय, Dosage, How to use


[types field=’dosage-how-to-use’][/types]

शीघ्र… से सम्बंधित कुछ सवाल जवाब, Questions related to Medicine


[types field=’important-question-answers’][/types]

सवाल पूछें – Ask Question

Contact Us
First
Last
[toc]

Other related useful content on our website

Product Tags