नामर्दी, नपुंसकता का आयुर्वेदिक उपचार / Ayurvedic And Herbal Treatment For Impotency And Erectile Dysfunction

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आज हम इम्पोटेंसी (impotency) यानि नामर्दी के आयुर्वेदिक इलाज पर बात करेंगे.

बात शुरू करने से पहले मैं आपको एक बात ज़रूर बताना चाहूँगा और वह बात यह है कि हम जो यहाँ आयुर्वेदिक इलाज आपको बताएँगे वे पूरी तरह से शास्त्र-सम्मत हैं और सभी प्रकार के योग, आसव, अरिष्ट एवं औषधियाँ विभिन्न आयुर्वेदिक ग्रंथों से बिना किसी परिवर्तन के लिए गए हैं, किसी भी प्रकार के ग्रन्थ सन्दर्भ के लिए आप हमसे पूछ सकते हैं.

तो आइये जाने क्या है नामर्दी, क्यों होती है नामर्दी और क्या है नामर्दी का इलाज?

क्या है नामर्दी (What is impotency and erectile dysfunction)?

मैथुन क्षमता (ability to have sex) की असमर्थता या लिंग की ऐसी शिथिलता (flaccidity), लिंग के ढीलेपन, लिंग में सख्ती की कमी कि वह स्त्री योनि में प्रविष्ट न हो पाए, नामर्दी है. सादी ज़बान में कहा जाये तो स्त्री के पास होने पर भी लिंग का खड़ा न हो पाना (lack of a sustainable erection) नामर्दी है. नामर्दी कई वजहों से पैदा हो सकती है.

नामर्दी के कारण (Causes Of Erectile Dysfunction):

नामर्दी को इंग्लिश में इम्पोटैंसी कहते हैं. मॉडर्न मेडिकल साइंस (modern medical science) में इसके लिए अलग से मेडिकल टर्म (medical term) भी है: इरेक्टाइल डिसफंक्शन (erectile dysfunction). इम्पोटेंसी या इरेक्टाइल डिसफंक्शन की कई वजहें हो सकती हैं, उनमें दो ख़ास हैं:

  • मानसिक (Psychological)
  • शारीरिक (Physical)

मानसिक या psycological वजह से भी कई बार लिंग खड़ा (erection) नहीं हो पाता. कई बार व्यक्ति जब मानसिक रूप से तनावग्रस्त होता है तो चाहते हुए भी लिंग में उत्थान नहीं हो पाता है. अधिक थकान भी कई बार लिंग को खड़ा नहीं होने देती है.
शारीरिक कारणों को भी दो वजहों में बाँटा जा सकता है:

प्राइमरी (primary) और सेकेंडरी (secondary)

सेकेंडरी कारण वे होते हैं जबकि प्रॉब्लम सेक्स सम्बन्धी न होकर कुछ और होती है पर वह समस्या मरदाना ताक़त को भी प्रभावित करती है जैसे डायबिटीज (diabetes). डायबिटीज यानि शुगर की बीमारी जोकि आजकल काफी आम हो गयी है में भी नामर्दी पैदा हो जाती है. इसी तरह मोटापा (obesity) भी नामर्दी पैदा करता है. कुछ दवाइयाँ भी temporary या permanent नामर्दी पैदा कर देती हैं. 

नामर्दी के प्राइमरी कारण वे होते हैं जबकि असली समस्या सेक्स सम्बन्धी या सेक्स अंगों में ही होती है

तो क्या हैं नामर्दी के ये प्राइमरी कारण?

नामर्दी के प्राइमरी या मुख्य कारण:

नामर्दी यानि इरेक्टाइल डिसफंक्शन प्राइमरी रूप से तीन वजह से होती हैं:

  • अधिक सेक्स (too much sex)
  • अधिक आयु (age)

अन्य कारण जैसे रक्त परिसंचरण तंत्र (cardiovascular system) का सही काम न करना
मॉडर्न मेडिकल साइंस के मुताबिक़ लिंग के खड़े होने में नाइट्रिक ऑक्साइड (NO) नामक केमिकल की बड़ी भूमिका होती है. मर्द जब मानसिक रूप से उत्तेजित होता है तो नाइट्रिक ऑक्साइड लिंग के अंदर की खून की नालियों को फैला देता है जिसकी वजह से खून नालियों के अंदर से निकलकर लिंग के स्पंज जैसे स्ट्रक्चर में भर जाता है जिससे लिंग लम्बाई और मोटाई में बढ़ जाता है और फलस्वरूप खड़ा हो जाता है.
जब उत्तेजना ख़त्म हो जाती है तो खून लिंग के अंदर से वापस खून की नालियों में चला जाता है, जिससे लिंग का उत्थान समाप्त हो जाता है.
अधिक आयु की वजह से, अधिक सेक्स करने से या किसी और वजह से जब नाइट्रिक ऑक्साइड और खून निकलने-भरने का ये तालमेल गड़बड़ा जाता है तो लिंग पूरी तरह से या आंशिक रूप से खड़ा नहीं हो पाता है, यही नामर्दी है.

नामर्दी का देसी  उपचार (Treatment Of Erectile Dysfunction):

तनाव की वजह से होने वाली नामर्दी अक्सर परमानेंट नहीं होती और तनाव दूर हो जाने पर नामर्दी भी दूर हो जाती है. इसी तरह सेकेंडरी नामर्दी भी मूल कारण जैसे डायबिटीज, मोटापा आदि के कंट्रोल कर लेने पर ख़त्म हो जाती है.
नामर्दी का मॉडर्न एलोपैथिक साइंस में  कोई परमानेंट इलाज नहीं है, दूसरे इसके बहुत सारे साइड इफेक्ट्स हैं, जिनमे हार्ट अटैक (heart attack) भी शामिल हैं.

तो क्यों न हम नामर्दी का ऐसा इलाज ढूंढे जो स्थायी भी हो और जिसका कोई साइड इफेक्ट भी न हो.
क्या ऐसा मुमकिन है? हाँ है.

नामर्दी को आयुर्वेद में क्लैव्य एवं नपुंसकता कहा गया है और इसके अनेक प्रकार भी बताये गए हैं. जिनमें से कुछ को साध्य और कुछ को असाध्य माना गया है. नामर्दी का सटीक, साइड इफेक्ट्स रहित, शुद्ध शास्त्र-सम्मत आयुर्वेदिक उपचार इस प्रकार है:
ये तीनों सुबह शाम लें:

  • मन्मथाम्र रस- 250 ग्राम
  • शिलाजत्वादि वटी- 250 ग्राम
  • नारसिंह चूर्ण- 250 ग्राम
    …………………………………………….

दोनों टाइम खाने के बाद इन दोनों के 5-5 चम्मच एक गिलास पानी में मिलकर लें:

  • अश्वगंधारिष्ट
  • सारस्वतारिष्ट
    ………………………………………..
  • मूसली पाक 20 ग्राम, दो टाइम खाने के बाद दूध से.
    ………………………………………….
  •  रात को सोते समय हरीतकी चूर्ण 3 ग्राम गुनगुने पानी से लें.

इन बातों का भी रखें ध्यान:

  • अधिक सेक्स से बचें
  •  सेक्स के बारे में सोचते रहने से बचें
  •  सेक्स के दौरान भिन्न-भिन्न मुद्राएं अपनाएँ.
  •  मोटापा बिलकुल न बढ़ने दें
  • पौष्टिक लेकिन सात्विक भोजन करें
  • अनर्गल दवाइयों का सेवन न करें

मरदाना ताकत और वाजीकरण नुस्खों के लिए ये भी देखें.
नोट:
ऊपर दिए गए सभी योग पूरी तरह से आयुर्वेद के पुराने ग्रंथों से बताये गए हैं. ये सभी दवाइयाँ हमारी फार्मेसी पर भी अवेलेबल हैं और आप इन्हें गो क्यूरेबल से ऑनलाइन आर्डर के ज़रिये प्राप्त कर सकते हैं.

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दवा को इस्तेमाल करने का तरीका, खुराक और समय, Dosage, How to use


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